वाराणसी, जागरण संवाददाता। मंडुआडीह क्षेत्र के महमूरगंज में तीन मंजिले भवन को रेलवे द्वारा धराशायी किया जा रहा है। मौके से मिली जानकारी के अनुसार महमूरगंज पुलिस चौकी के सामने तीन मंजिला मकान है जिसमें आठ भाइयों का परिवार रहता था व उसी मकान के निचले तल पर अपना दुकान चलाते हैं। कार्रवाई के दौरान लोगों की काफी भीड़ भी मौके पर लगी रही और सुरक्षा कारणों से सुरक्षा बलों की भी मौके पर तैनाती रहने से किसी प्रकार का विवाद नहीं होने पाया। 

विगत 2020 में रेलवे प्रशासन द्वारा इस मकान को अपने जमीन पर बताते हुए गिराने के लिए भारी मात्रा में सिविल पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को बुलाया गया था। लेकिन, किसी कारणवश ध्वस्तीकरण को उस वक्त रोक दिया गया था। पुनः रेलवे ने ध्वस्तीकरण करना चाहा लेकिन तत्कालीन विधायक के आ जाने से ध्वस्तीकरण टीम वापस लौट गई। विगत एक पखवाड़े पूर्व फिर एक बार रेलवे ने इस मकान को ध्वस्त करने के लिए आया लेकिन किसी कारणवश रेलवे प्रशासन वापस चला गया। 

शनिवार सुबह ही रेलवे प्रशासन जेसीबी मशीन लेकर उक्त भवन को गिराने पहुंचा साथ में रेलवे सुरक्षा बल के अलावा मंडुआडीह थाने की पुलिस फोर्स के साथ अन्य थानों की फोर्स भी मौजूद थी। काफी जद्दोजहद के बाद एसीएम प्रथम के नेतृत्व में मकान के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो चुकी। उक्त भवन में रहने वाले देवी प्रसाद का आरोप रहा कि अभी न्यायालय में इस मकान का मामला चल रहा लेकिन मकान को गिराने के लिए रेल प्रशासन मनमानी कर रहा है।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते मौजूद पुलिस बल को आवागमन बाधित न हो पाए इसके लिये ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की अलग से ड्यूटी लगा दी गयी थी। ध्वस्तीकरण के दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर परमेश्वर कुमार, थानाध्यक्ष मंडुआडीह राजीव सिंह, जीआरपी चौकी प्रभारी अयोध्या प्रसाद, उपनिरीक्षक अजित मिश्र समेत अन्य पुलिस बल मौजूद रही।

Edited By: Abhishek Sharma