वाराणसी, जेएनएन। जंसा के हरसोस गांव में लुटेरे को पकड़ने गई पुलिस टीम के दारोगा सिपाही को पेड़ से बांधकर पीटने के बाद पहुंची पुलिस फोर्स ने गांव में जमकर उत्पात मचाया। पुलिस ने हरसोस गांव की राजभर और अनुसूचित जाति की बस्ती के महिलाओं, बच्चों तक को नहीं छोड़ा। घरों में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट करने के साथ ही कई नाबालिग तक को पुलिस ने उठा लिया। हालात को देखते हुए मंगलवार को पूरे दिन एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में फोर्स ने डेरा डाला रहा।

जौनपुर, वाराणसी समेत अन्य जिलों में गोली मारकर लूट करने के मामले में आरोपित को सोमवार की रात गिरफ्तार करने पहुंचे पुलिसकर्मियों को जंसा के हरसोस गांव में ग्रामीणों ने पेड़ में बांधकर जमकर पीटा। बदमाश समझकर उनकी पिस्टल भी छीन ली। पुलिसकर्मियों को बंधक बनाए जाने की सूचना पर पहुंची वाराणसी पुलिस पर भी ग्रामीणों ने पथराव कर खदेड़ दिया। रोहनिया थाना प्रमुख समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिसवालों की पिटाई, पिस्टल छीन लेने की सूचना पर एसएसपी, एसपीआरए के नेतृत्व में पहुंची पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों से पुलिसकर्मियों को छुड़ाने के बाद उन्हें अस्पताल भेजा। घायलों को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस ने हरसोस गांव की राजभर और अनुसूचित जाति की बस्ती में जमकर उत्पात मचाया। हालात कुछ ऐसे थे कि पुलिस के उत्पात के चलते गांव के कई पुरूष घर छोड़कर फरार थे। महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई।पुलिस ने लकवा की शिकार महिला को भी नहीं छोड़ा।

लूट के मामले में आरोपित को गिरफ्तार करने पहुंचे थे- बीते 24 अक्टूबर जौनपुर में गोली मारकर लूट करने के मामले में वांछित राजन उर्फ दिल्ली राजभर की सर्विलांस पर लोकेशन मिलने के बाद जौनपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने सोमवार शाम ढलते ही हरसोस गांव में डेरा डाल दिया। राजन और उसके मित्र राहुल को देखते ही पुलिस की बिना नंबर प्लेट की गाड़ी उनके समीप पहुंची। राजन को क्राइम ब्रांच ने उठा लिया लेकिन राहुल अड़ गया। वह घर के बगल में मौजूद राजभर बस्ती में भाग निकला। पुलिस ने दौड़ाकर उसे पकड़ा। इस बीच राहुल ने पुलिस वालों को बच्चा चोर बताते हुए शोर मचा दिया। राजभर बस्ती समेत आसपास के लोग जुट गए। राजन और राहुल को लेकर जौनपुर पुलिस की एक टीम एसयूवी से निकल गई लेकिन बाइक सवार दारोगा बालेंद्र यादव और सिपाही वेदप्रकाश को गांव वालों ने घेर लिया। दोनों की पिस्टल छीन ली और दिल्ली राजभर के घर के बाहर नीम के पेड़ से बांधकर पीटना शुरू कर दिया। इस बीच राजन को लेकर निकली क्राइम ब्रांच की सूचना पर रोहनिया थाना प्रमुख परशुराम त्रिपाठी मौके पर सबसे पहले पहुंचे।

उग्र ग्रामीणों ने पथराव करते हुए पुलिसवालों को दौड़ा लिया। परशुराम त्रिपाठी समेत कई पुलिसवाले घायल हो गए। रोहनिया पुलिस को पीछे हटना पड़ा। पुलिसकर्मी घायल एसओ और सिपाहियों को लेकर अस्पताल भागे। पुलिसकर्मियों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही एसएसपी आनंद कुलकर्णी और एसपी ग्रामीण एमपी सिंह के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स, पहुंची। बंधक दारोगा और सिपाहियों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर उन्हें एक निजी अस्पताल में भेजा। घायलों को अस्पताल भेजने के बाद पिस्टल बरामदगी के लिए वाराणसी पुलिस ने पहले राजभर और फिर दलित बस्ती में सर्च आपरेशन चलाया। घरों से पुरूषों को खींचकर बाहर निकाला। जो मिला उसे उठा लिया। कई घरों में तोड़फोड़ की। महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। दोनों बस्ती से लगभग 80 लोगों को उठाकर जंसा थाने ले गई।

पिस्टल बरामद, 15 नामजद, 250 अज्ञात पर मुकदमा- एसपी ग्रामीण एमपी सिंह ने बताया कि पुलिसवालों को बंधक बनाकर पीटने और उनके असलहे छीनने के मामले में जौनपुर क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर 15 नामजद व 200-250 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा कायम किया गया है। ग्रामीणों द्वारा छीनी गई बालेंद्र यादव की पिस्टल और दस कारतूस भी बरामद हो गई है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर पीटने, पथराव और सरकारी पिस्टल गायब करने के मामले में अभी तक 38 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपितों के खिलाफ रासुका व गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जा रही है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस