वाराणसी [हिमांशु अस्थाना]। कोरोनावायरस संक्रमण ने शहरी और ग्रामीण दोनों अर्थव्यवस्थाओं को चौपट कर दिया है। इसकी ज्यादा मार किसानों और मजदूरों पर पड़ी है। इसके बावजूद मेहनतकश लोग लॉकडाउन के दौरान भी हम लोगों के घरों में अन्न मौजूद रहे इसकी जुगत में लगे हुए हैं।किसानों की पीड़ा कम करने में  BHU Institute of Agricultural Sciences बीएचयू स्थित कृषि विज्ञान संस्थान आगे आया है। संस्थान की ओर से किसानों को बाजार भाव से आधे मूल्य पर बीज दिया जा रहा। लॉकडाउन के दौरान लगभग 7-8 हजार किसानों ने बीज खरीदी का लाभ उठाया है।

जेनेटिक एंड प्लांट ब्रीडिंग विभाग के प्रो. पीके सिंह ने बताया कि निदेशक प्रो. रमेश चंद के दिशा-निर्देश से कोविड प्रकोप से उबारने के लिए किसानों को नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर बीजों का वितरण किया जा रहा। अब तक धान की सुगधिंत और पुरानी प्रजाति के 13 लाख रुपये के बीज बंट चुके हैं। वहीं कृषि विभाग को भी मालवीय मूंग की दो प्रजातियां दी गई हैं।

60 फीसदी प्रोफेसर डटे हैं लैब में

प्रो. पीके सिंह के मुताबिक शारीरिक दूरी व तमाम सावधानियों का ध्यान रखते हुए संस्थान के कृषि वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं। बताया कि लगभग 60 फीसद प्रोफेसर, 30 फीसद नॉन टीचिंग स्टाफ प्रयोगशालाओं व विभागों में कार्यरत हैं। कोविड के चलते संस्थान में शैक्षिणक गतिविधियां बाधित हैं, मगर अनुसंधान और वितरण का काम जारी है, क्योंकि यहां ऐसे उपकरण भी हैं जिन्हेंं एक बार बंद कर दिया गया तो चालू करने काफी समय जाया होता है। छात्रों की सभी शिक्षण गतिविधियां ऑनलाइन हैं, वर्कशॉप व कॉन्फ्रेंस भी समय-समय पर होते हैं।

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