वाराणसी, जेएनएन। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने शहर में जल-भराव पर नाराजगी जाहिर करते हुए स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के ढक्कनों में बने छेदों को तत्काल खोलने का निर्देश दिया। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त करने के साथ सीवर, नाले और नालियों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जहां जल-भराव है वहां पंप लगाकर उसे निकाला जाए। वह मंगलवार के मंडलायुक्त कक्ष में विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गंगा में जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने लगा है, ऐसे में लोग अपने घरों को छोड़कर दूसरे स्थान पर जाने लगे हैं।

राजस्व समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर देखे कि कोई हादसा नहीं हो। यदि संभावना दिखाई तो दे तो तत्काल उन्हें स्थान छोड़ने को कहे। उन्होंने विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित तिथि तक योजनाओं को हरहाल में पूरा कर लिया जाए, यदि कोई समस्या है तो मुझे अवगत कराएं। समय पर काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कि एकीकृत ऊर्जा विकास योजना (आइपीडीएस) के तहत दूसरे चरण का काम शीघ्र कराने के लिए बिजली विभाग को निर्देश दिया। नगवां में प्रस्तावित उपकेंद्र का भी काम जल्द से जल्द शुरू कराएं। काम शुरू होने के साथ उसकी मानीट¨रग करते रहे जिससे काम की गुणवत्ता बनी रही।

- पीएम के संसदीय कार्यालय के पास काम शुरू मंडलायुक्त का आदेश होते ही जलकल महाप्रबंधक नीरज गौड़ ने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय के पास जल-भराव स्थल कर्मचारियों को लगाकर ड्रेनेज सिस्टम के ढक्कन के पास सफाई करना शुरू कर दिया है जिससे बारिश का पानी आसानी से निकल सके। जद्दू मंडी के पास पंप लगाकर बारिश के पानी को निकाला जा रहा है।

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