वाराणसी, जेएनएन। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में मरीजों को दिखाने के लिए सबसे पहले आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद ही वे ओपीडी में प्रवेश कर पाते हैं। स्थिति यह है कि कई विभागों की ओपीडी 31 अक्टूबर तक फुल हो गई है। इसके कारण मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों या यहीं कुछ डाक्टरों की शरण लेनी पड़ रही हैं जो प्राइवेट प्रैक्टिस भी करते हैं।

अस्‍पताल की ओर से बताया गया है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शारीरिक दूरी का पालन कराया जा रहा है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने आनलाइन बुकिंग की व्यवस्था बनाई है। इसके तहत उन्हीं 50 मरीजों को देखा जाता है जिनकी पर्ची आनलाइन कटी हो। यह बात दीगर है कि कभी कर्मचारी तो कई छात्र की आड़ में घुसकर लोग दिखा लें। आनलाइन पर्ची जो कटती है उसकी राशि यानी 20 रुपये एचडीएफसी बैंक के खाते में जाती है। इस एप की निगरानी भी बैंक की ओर से ही की जाती है।

बैंक के प्रबंधक अभिषेक सिंह ने बताया कि मरीजों को दिखाने के लिए एसएसएच आइएमएस बीएचयू एप पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। फिलहाल कार्डियोलाजी, डरमेटलाजी, न्यूरोलाजी, यूरोलाजी, नेफ्रोलाजी सहित अन्य कई विभागों की ओपीडी 31 अक्टूबर तक हो गई है। अब जो मरीज रजिस्टे्रशन कराएंगे उन्हें आगे की डेट मिलेगी। हालांकि टीबी एंड चेस्ट, जनरल सजर्री, जिरियाट्रिक, गायनाकालोजी सहित अन्य विभागों में इस माह की भी बुकिंग हो रही है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021