बलिया, जेएनएन। बलिया जिले की बेटी निर्भया के गांव में चारों दुष्‍कर्म के आरोपितों के इंकाउंटर से लोगों में खुशी है। गांव के लोगों में इस बात की भी चर्चा है कि अगर निर्भया के समय ही पुलिस इतना सख्‍त फैसला लेती तो शायद एेसा कांड फ‍िर कभी न होता। 

बलिया जिले में हैदराबाद में दुष्‍कर्म के बाद पीडिता को जिंदा जलाने वाले आरोपियों के एनकाउंटर पर चहुंओर खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी हैदराबाद पुलिस को सैल्यूट करने का सिलसिला जारी है। उधर, 2012 की दिल्ली में सामुहिक दुष्‍कर्म पीड़िता निर्भया के दादा ने भी खुशी जाहिर करते हुए तेलंगाना पुलिस को धन्यवाद दिया है। जिले भर में लोगों ने एकस्‍वर में कहा कि यह एकदम सही हुआ है।

निर्भया के गांव में भी जानकारी होने के बाद चर्चा का दौर शुरू हुआ वह देर शाम तक जारी रहा। लोगों ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वर्षों तक ऐसी घटनाएं हम मात्र देखते रहेंगे और ऐसे जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।निर्भया के दादा ने यह भी सलाह दी कि ऐसे अपराध में अगर दोष सिद्ध हो जाए तो ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए। अगर कोई कोर्ट में समर्पण भी करता है तो उसको दो-तीन महीने की सुनवाई के बाद शीघ्र फांसी के फंदे पर लटका देना चाहिए। ऐसे ही तात्कालिक सजा देेकर ही हम ऐसे अपराधों पर अंकुश लगा सकते हैं।

हम तो आज भी रो रहे हैं

वहीं, निर्भया के पिता ने भी दरिंदों के लिए इस सजा को सबसे बेहतर बताया है। निर्भया के पिता का कहना है कि कोर्ट और मुकदमे के चक्कर में तो वर्षों लग जाते हैं। हम जिन दोषियों की सजा के लिए वर्षों तक कोर्ट में जाते रहे, तेलंगाना पुलिस सप्‍ताह भर में ही पहुंच गयी। यह बहुत ही खुशी की बात है। निर्भया के पिता ने कहा कि हम तो आज भी रो रहे हैं, क्योंकि सात वर्ष से ऊपर हो गए और आज तक निर्भया के दोषियों को फांसी नहीं हुई। हैदराबाद कांड के दोषियों को हप्ते दिन के अंदर सजा मिलना अत्यंत खुशी की बात है। अपराध पर अंकुश ऐसी कार्रवाई से ही लगाया जाना सम्भव होगा।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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