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सोनभद्र, जेएनएन। घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में 17 जुलाई को हुए नरसंहार में सरकार की बड़ी कार्रवाई के बाद अब विशेष जांच दल (एसआइटी) मामले की जांच कर रही है। सात अगस्त को दो दिन के लिए आई टीम ने गांव का निरीक्षण करने के साथ लोगों से जरूरी जानकारी जुटाई थी। रविवार को फिर डीआइजी जे. रवींद्र गौड़ के नेतृत्व में टीम सोनभद्र पहुंची है।

एसआइटी सोमवार से उन अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ करेगी, जो मामले में नामजद है। इसमें यह पता करने की कोशिश होगी कि जमीन की लिखा-पढ़ी में किस स्तर पर घपला हुआ है।  किन-किन अधिकारियों की साठगांठ से ऐसा हुआ। असली दोषी कौन-कौन है। कहीं ऐसा तो नहीं कि पर्दे के पीछे से खेल करने वाले लोग अब भी खुला घूम रहे हैं।

एसडीएम व एएसपी सहित 27 पर है एफआइआर: नरसंहार मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में तत्कालीन एसडीएम, एएसपी, सीओ सहित 27 अधिकारियों, कर्मचारियों पर एफआइआर है। जिनपर मुकदमा है उनमें तत्कालीन उप निबंधक सहकारी समिति, तत्कालीन तहसीलदार राबट््र्सगंज कृष्णा मालवीय, सहायक निबंधक विजय कुमार अग्रवाल, परगनाधिकारी राबट्सगंज अशोक कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार राबट्सगंज जयचंद्र ङ्क्षसह, भूमि की खरीदार आइएएस प्रभात कुमार मिश्र की पत्नी आशा मिश्रा तथा आइएएस भानुप्रताप शर्मा की पत्नी विनीता शर्मा उर्फ किरन कुमारी, तत्कालीन सीओ अभिषेक ङ्क्षसह, तत्कालीन निरीक्षक अरविंद कुमार मिश्र, एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी, एएसपी अरुण कुमार दीक्षित समेत अन्य की भूमिका एसआइटी की जांच के दायरे में है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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