जागरण संवाददाता, वाराणसी : जिले में अवैध स्टैंड, डग्गामार वाहन और अतिक्रमण के खिलाफ पांच दिनों में कार्रवाई नहीं के बराबर है। और न ही अवैध स्टैंड और डग्गामार वाहन संचालकों को पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग का डर है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जो कार्रवाई हुई उसका असर सड़क पर दिखाई नहीं पड़ रहा है। हालत यह है कि कई वाहन सीज और चालान होने के बाद भी शहर में कई अवैध स्टैंड से डग्गामार वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। गोदौलिया चौराहे पर मल्टीलेवल दो पहिया वाहन पार्किंग बनने के बाद भी सड़क के किनारे अवैध तरीके से वाहन पार्किंग हो रहे हैं। इसके चलते यहां दिनभर जाम लगा रहता है कि लेकिन पुलिस के लिए कार्रवाई आसान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बैठक कर सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि 48 घंटे के अंदर सभी अवैध स्टैंड बंद कराने के साथ डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करें। आदेश होते ही अधिकारी सड़क पर उतर गए और कार्रवाई भी शुरू की लेकिन कार्रवाई का असर कहीं दिखाई नहीं पड़ा। अधिकारी कार्रवाई करते हुए आगे बढ़ते गए और पीछे लोग फिर से कब्जा करने के साथ अवैध स्टैंड पर वाहनों का संचालन शुरू हो गया।

डग्गामार बस में बैठा रहे सवारी

कैंट रेलवे स्टेशन पर दोपहर 2.34 पर रोडवेज बस स्टैंड के सामने आजमगढ़ मार्ग के लिए डग्गामार बसें बीच सड़क पर सवारी भरते रहे। दो बस खड़ी थी और तीन बस इंग्लिशियान के पास थी। दोनों बस जाने के बाद फिर एक-एक बस आनी शुरू हो गई। रोडवेज कार्यशाला के पास तो कार्रवाई का असर दिखाई ही नहीं पड़ रहा है। यहां बिना डर के बसों में सवारी भरी जा रही थी।

सड़क को बनाया पार्किंग

दोपहर करीब तीन बजे आबकारी कार्यालय से सिटी स्टेशन तक सड़क के किनारे अवैध तरीके से बसें खड़ी थीं। कुछ बसों में सवारी बैठाई जा रही थी तो कुछ में चालक आराम फर्मा रहे थे। वह अपने नंबर के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी प्रकार गोलगड्डा के पास अवैध तरीके से स्टैंड संचालित हो रहे थे।

दुकान के सामने खड़ी रहती हैं बसें

दोपहर 1.32 बजे कलेक्ट्री फार्म के आसपास कई बसें सड़क के किनारे खड़ी थीं। दुकान के सामने बसें खड़ी करने को लेकर दुकानदार अक्सर विरोध करते हैं लेकिन दबंग किस्म के बस मालिक और चालक हटाते नहीं है। स्थानीय पुलिस कार्रवाई करने की बजाय दुकानदारों को धमकाती है।

Edited By: Saurabh Chakravarty