वाराणसी, जेएनएन। बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक में 170 पाकिस्तानी आतंकियों के मारे जाने का दावा कर विश्‍व भर में सुर्खियों में आयी इटालियन पत्रकार फ्रांसेस्का मरीनो की वाराणसी पुलिस के खिलाफ टिप्पणी के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ भेलूपुर ने रुपये मांगने के आरोपों की सच्चाई जानने को इटालियन पत्रकार के गोद लिए राम के परिजनों से बातचीत की तो उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। उसके बाद राम की पत्नी संजू गुप्ता से 161 का बयान दर्ज किया गया। दरअसल, संजू गुप्ता अपने पति राम, जेठ कृष्णा गुप्ता, जेठानी सोनी, ननद संध्या एवं ममिया ससुर सरजू के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। संजू के अब कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे।

क्या है पूरा मामला
इटली की पत्रकार फ्रांसेस्का मरीनो ने वाराणसी के राम व उनकी बहन संध्या गुप्ता को गोद लिया है। पत्रकार की मर्जी के बगैर राम ने वाराणसी की अंजू से शादी की। अंजू ने अपने पति उनके चार परिजनों पर दहेज का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस जानबूझकर अंजू के परिजनों की मदद कर रही है,जबकि राम की मदद को उनसे पुलिस रुपये की डिमांड कर रही है।

दहेज लोभी है पति, ऊबकर दर्ज कराई रिपोर्ट
नवाबगंज की अंजू गुप्ता ने कहा कि उसके साथ ज्यादती हो रही। शादी के 10 से 15 दिनों तक रहने के बाद मेरे पति राम इटली चले गये। यहां ससुराल में मुझे परेशान किया जाने लगा। शिकायत करने पर दो टूक जवाब मिला पांच लाख रुपये, बाइक के बगैर बात नहीं बनेगी। भेलूपुर थाने में सुनवाई नहीं हुई तो अधिकारियों से गुहार लगाई। मामला परिवार परामर्श केंद्र में जा पहुंचा। वहां दूसरे पक्ष के लोग नहीं आए तो अधिकारियों के आदेश पर भेलूपुर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ गई।

पुलिस अंजू से मिलकर हमें परेशान कर रही
राम की बहन संध्या गुप्ता इटली में हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि अंजू के आरोप गलत हैं कि उनसे दहेज मांगा गया है। मेरे भाई राम ने लाखों खर्च कर पासपोर्ट व वीजा बनवाया है। अंजू अपनी मायके के लोगों को नहीं छोड़ना चाहती है।

पुलिस ने रुपये नहीं मांगे, समझौते को कहा
इटली में रह रहे राम के मामा सरजू ने पुलिस के रुपये मांगने के आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस ने लड़की वालों से रुपये का लेन-देन कर विवाद खत्म करने की बात कही थी।

अंजू को मेरा साथ नहीं, दस लाख रुपये चाहिए
इटली में रह रहे राम गुप्ता ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2016 में 25 नवंबर को हुई थी। इटली लाने को पासपोर्ट वीजा बनवाया था, लेकिन वह आने को तैयार नहीं हुई। अंजू ने मुझसे कहा कि दस लाख रुपये और तलाक दो। अंजू के परिजन पहले दो लाख मांग रहे थे, अब दस लाख की बात करते हैं।

बोले पुलिस अधिकारी
मैंने इटालियन पत्रकार के ट्वीट को पढ़ा और उसी पर जवाब दे दिया है। रुपये मांगने की जांच कराई, जो निराधार निकली है। महिला के मामले में हम पहले उसी की सुनते हैं। जांच का प्रावधान है, जिसमें तथ्यों के आधार पर पूरी करते हैं। मैंने अपना सीयूजी नंबर दे दिया है, उस पर किसी तरह की परेशानी होने पर बात करने की बात भी लिखी है। -आनंद कुलकर्णी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

इटालियन पत्रकार की पुलिस पर टिप्पणी
- तो, अब कीमत बढ़ गई है 10 लाख। ये कैसा कानून है? उन्होंने मामला पंजीकृत और प्राथमिकी दर्ज की और प्रतिपक्ष के बिना ही कार्रवाई हो गई।
- उन्होंने एफआईआर में लिखा है कि लड़की के साथ मारपीट और गाली-गलौच की गई और उन्होंने उसे इटली ले जाने और उसके लिए पैसे भेजने से इनकार कर दिया
- उन्होंने संध्या से बात की और उसे बताया कि वह लड़की के परिवार को पैसे दे अन्यथा पुलिस राम और संध्या को वापस बनारस जाने के लिए मजबूर करेगी। उनका पासपोर्ट जब्त कर उन्हें जेल में डाल देगी।
- न केवल भेलूपुर थाना अधिकारी एफआइआर या ट्रिब्यूनल आदेश की एक प्रति देने से इनकार कर रहा है, बल्कि सरजू चाचा को भी पकड़ रही है, जो खून से भी उनके चाचा नहीं हैं।
- यह यूपी के लोगों की तरह है और पूरे भारत को शर्म आनी चाहिए। क्या बनारस का कोई वकील केस लड़ने को तैयार है? वे गरीब अशिक्षित लोग हैं, वे नहीं जानते कि इससे कैसे निपटना है।

Posted By: Digpal Singh

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