वाराणसी : कैंट इलाके में निर्माणाधीन फ्लाईओवर की बीम गिरने से हुए हादसे में मौतों के आंकड़ों को लेकर जिला प्रशासन और 11 एनडीआरएफ के बीच ठन गई है। जिला प्रशासन का दावा है कि हादसे में 15 लोगों की मौत हुई, जबकि एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम का दावा है कि मौके से उन्होंने 18 शव निकाले हैं। एनडीआरएफ ने सेंट्रल मुख्यालय को भी हादसे में 18 लोगों के मरने की सूचना भेजी है।

हादसे में मृत एनडीआरएफ के जवानों राम मिलन व भवानी शंकर को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ ही विभाग की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज में एनडीआरफ की ओर से बताया गया है कि हादसे में मृत जवान बीएचयू में प्रशिक्षण देकर लौट रहे थे। जिस बस में जवान थे, वही बस बीम की चपेट में आ गई। राम मिलन व भवानी शंकर की मौत हो गई, जबकि बृजेश कुमार निवासी अलवर, राजस्थान गंभीर रूप से घायल हो गए।

एनडीआरफ का कहना है कि हादसे के बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने बचाव कार्य शुरू किया तो मौके से 18 शवों को बाहर निकाला। एनडीआरएफ के पीआरओ का कहना कि हादसे के बाद कुछ लोगों के परिजन मौके पर पहुंचे थे, जो शव लेकर चले गए। मुख्यमंत्री व प्रशासन की ओर से मंगलवार की रात जो आंकड़े दिए गए उसके मुताबिक 15 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के बाबत पूछने पर एनडीआरएफ का कहना है कि हमारी रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल 18 मौत ही है।

एनडीआरफ व जिला प्रशासन की ओर से जारी अलग-अलग आंकड़ों को लेकर विभागीय स्तर से लेकर पुलिस प्रशासनिक महकमे में दिनभर बेचैनी का माहौल रहा। कमिश्नर, डीएम से लेकर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि हादसे में 15 मौत ही हुई है। सभी की शिनाख्त हो चुकी है। यदि हादसे में कोई और मारा जाता तो परिजनों ने संपर्क अवश्य किया होता।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप