मुगलसराय से पैदल भोजन करने मुस्लिम युवक जा पहुंचा अन्नपूर्णा मंदिर, कहा - 'गरीबी इतनी कि पेट भर भोजन नसीब नहीं होता था'
वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में मुफ्त भोजन की तलाश में आए एक मुस्लिम युवक को पुलिस ने रोका। युवक ने ...और पढ़ें

वाराणसी अन्नपूर्णा मंदिर में मुस्लिम युवक की कहानी: गरीबी के कारण पैदल आया भोजन करने।
HighLights
मुस्लिम युवक शाहिद जमाल गरीबी के कारण अन्नपूर्णा मंदिर आया।
पुलिस ने मुस्लिम टोपी और चाकू मिलने पर पूछताछ की।
युवक ने बताया कि उसे पेट भर भोजन नहीं मिलता था।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। कहते हैं कि भूख का कोई धर्म, जाति नहीं होता, यह इंसान की बुनियादी जरूरत और दो जून की रोटी मांगती है। कुछ ऐसी ही कहानी सामने आई वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर स्थित अन्न क्षेत्र के बाहर। यहां मुस्लिम टोपी लगाए एक युवक भोजन की आस में नजर आया तो हाई सेक्योरिटी जोन में मुस्लिम टोपी लगाए युवक को पुलिस ने पूछताछ के लिए अलग कर लिया।
पुलिस को युवक के पास से चाकू मिला तो मामला और संदिग्ध हो गया, मगर इसके बाद जो कहानी सामने आई वह भूख और पापी पेट के लिए इंसानी संघर्ष की बड़ी हकीकत कहती नजर आई। पुलिस की पूछताछ में शाहिद जमाल, पुत्र कमरुददीन, मोहल्ला नवापुरा, मुगलसराय विपुल स्टैंड के पास घर की जानकारी सामने आई। वहीं पुलिस को शाहिद ने बताया कि वह बहुत गरीब घर से है। जहां दो जून की रोटी भी मुहाल है।
पुलिस के अनुसार शाहिद को भूख लगी तो वह सुबह आठ बजे पैदल चल कर वाराणसी के बुलानाला पहुंच कर मजदूरी की तलाश में था। जब काम नहीं मिला तो वह लोगों से जानकारी लेकर अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र में निशुल्क भोजन करने जा रहा था। वहीं मुस्लिम टोपी लगाए होने पर शक के आधार पर उसे रोका गया और पूछताछ में उसने बताया कि परिवार काफी गरीब है। पेट खाली होने की वजह से ही वह मंदिर में भोजन करने जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि उसे अपने घर पर पेट भर भोजन भी नसीब नहीं होता था, आयोजनों में सब्जी काटने के लिए वह चाकू लेकर चलता है। पुलिस ने बताया कि युवक को मंदिर में फ्री में शानदार भोजन मिलने की जानकारी मिली तो वह यहां पर आया था, प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध मंशा नहीं मिली है, फिलहाल पुलिस व अन्य एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। हालांकि कुछ खास जानकारी नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया जाएगा।
अन्नपूर्णा मंदिर में मिलता है भोजन
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित अन्नपूर्णा मंदिर के अन्न क्षेत्र में नियमित चारों पहर भोजन, नाश्ता आदि लोगों के लिए फ्री में उपलब्ध है। यहां आने वालों से उनके बारे में कोई पूछताछ नहीं होती, मान्यता है कि मानव सेवा के निमित्त भरपेट भोजन की मां अन्नपूर्णा की मंशा के अनुरूप ही मंदिर प्रशासन भक्तों के लिए भोजन की व्यवस्था करता है। थाली में विशेष प्रकार के भरपेट भोजन की व्यवस्था नियमित सैकड़ों लोगों के लिए होती है। परिसर में भक्त लगातार आते रहते हैं और भोजन करके स्थान छोड़ते हैं तो दूसरा आकर बैठकर भोजन करता है। कई बार भोजन परोसा जाता है और इस दौरान सैकड़ों लोग भोजन कर मां अन्नपूर्णेश्वरी के दरबार में तृप्त होते हैं।
बोले थानाध्यक्ष
पूछताछ में सामने आया है कि शाहिद जमाल, पुत्र कमरुददीन, मोहल्ला नवापुरा, मुगलसराय विपुल स्टैंड के पास का निवासी है। परिवार काफी गरीब है और पेटभर भोजन तक नसीब नहीं होता था। आयोजनों में भोजन के लिए सब्जी काटने के लिए चाकू लेकर आया था। मंदिर में भोजन मिलने की जानकारी होने के बाद वह यहां भोजन करने आया था। मुस्लिम टोपी लगाए होने की जानकारी के बाद उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि पेट भरने के लिए ही वह मंदिर में भोजन के लिए जा रहा था। - संतोष कुमार सिंह, थानाध्यक्ष दशाश्वमेध।
