मिशन शक्ति के तहत छात्रा मुस्कान भारती बनीं एक दिन की DIOS, बोली- आईएएस-पीसीएस बनना है सपना
मिशन शक्ति अभियान के तहत वाराणसी में कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा मुस्कान भारती को एक दिन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) बनाया गया।

मिशन शक्ति फेज-6 के अंतर्गत छात्रा मुस्कान भारती बनीं एक दिन की जिला विद्यालय निरीक्षक।
HighLights
मुस्कान भारती एक दिन के लिए बनीं वाराणसी डीआईओएस।
मिशन शक्ति अभियान के तहत बालिकाओं को मिला अवसर।
शिक्षा में गुणवत्ता और सकारात्मक माहौल पर दिया जोर।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति विशेष अभियान (फेज-6) के तहत सोमवार को शहर में प्रेरक पहल देखने को मिली। कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा-12 की मेधावी छात्रा मुस्कान भारती को एक दिन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) की कुर्सी संभालकर प्रशासनिक दायित्व निभाने का अवसर प्रदान किया गया।
इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, प्रशासनिक समझ और निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना है, ताकि वे भविष्य में विभिन्न नेतृत्वकारी पदों के लिए प्रेरित हो सकें। सांकेतिक रूप से जिला विद्यालय निरीक्षक की जिम्मेदारी संभालने के बाद छात्रा मुस्कान भारती ने विभाग की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।
उन्होंने माध्यमिक शिक्षा से जुड़ी प्रशासनिक गतिविधियों और शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुस्कान ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने व शिक्षा के स्तर को निरंतर उन्नत बनाने पर विशेष बल दिया।
डीआईओएस भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति के उद्देश्यों के अनुरूप बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे आयोजन न केवल छात्राओं में उत्तरदायित्व और नेतृत्व की भावना जगाते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
मुस्कान का सपना है आईएएस-पीसीएस बनना
मुस्कान भारती को एक दिन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक बनने का अवसर मिला तो इस अनुभव ने उनके भीतर प्रशासनिक सेवा में जाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने का संकल्प मजबूत किया है। उनके पिता धर्मेंद्र कुमार माल में काम करते हैं।
मुस्कान ने बताया कि इस दौरान उन्होंने विद्यालय का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने समझा कि एक अधिकारी के निर्णयों का शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।
मुस्कान का लक्ष्य आईएएस या पीसीएस अधिकारी बनकर सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाना और गरीब बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। वह महिला सशक्तीकरण की मिसाल बनकर अन्य लड़कियों को भी प्रेरित करना चाहती हैं। उन्होंने इस अवसर के लिए प्रशासन और विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार जताया।
