जागरण संवाददाता, आजमगढ़ :हत्या व गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में एमपी-एमएलए कोर्ट कोर्ट नंबर तीन ओम प्रकाश वर्मा तृतीय की अदालत में मंगलवार को बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। बमुश्किल पांच मिनट की पेशी में मुख्तार ने जज से आग्रह किया कि साहब मामले का जल्द निस्तारण कर दें।

मुकदमे में गवाह के अनुपस्थित रहने के चलते कोई सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने सुनावाई की अगली तारीख 11 अक्टूबर नियत कर दी। तरवां थाना क्षेत्र के एरा कला में 6 फरवरी 2014 को मजदूर की हत्या के मुकदमे में मुख्तार अंसारी जेल में बंद है। इसी मुकदमे के आधार पर बाद में अक्टूबर 2020 में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवई की गई। गैंगस्टर के मुकदमे में अप्रैल 2021 से मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद है। मुकदमे की पैरवी सरकार की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दीपक मिश्रा ने की।

उधर, आगरा में मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के विरुद्ध 22 वर्ष पुराने मामले में मंगलवार को तत्कालीन वरिष्ठ सहायक जेल कमलेश कुमार उपाध्याय गवाही के लिए हाजिर हुए। इस दौरान बांदा जेल में बंद पूर्व विधायक अंसारी की वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से पेशी हुई।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता डा. रवि अरोड़ा द्वारा गवाह से लंबी जिरह की गई। न्यायालय ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 10 अक्टूबर की तिथि नियत की है। सितंबर में इससे पूर्व तत्कालीन डीएम आरके तिवारी और वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार की भी गवाही हो चुकी है। पूर्व विधायक का मुकदमा विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एलएलए अर्जुन की अदालत में चल रहा है। ये है मामला घटना 18 मार्च 1999 की है।

पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी केंद्रीय कारागार आगरा में बंद था। तत्कालीन डीएम आरके तिवारी, एसएसपी सुबेश कुमार, एसपी सिटी डीसी मिश्रा, एडीएम सिटी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी आदि ने फोर्स के साथ केंद्रीय कारागार पर छापा मारा था।अंसारी की बैरक से बुलेटप्रूफ जैकेट, मोबाइल व सिम आदि बरामद किया था।

Edited By: Saurabh Chakravarty

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