सुबह बनारस- शाम बनारस, जब देखो तब जाम बनारस; व्यवस्था सुधारने को बेटियों ने संभाल ली यातायात की कमान
वाराणसी में लगातार लगने वाले जाम की समस्या को दूर करने के लिए मिशन शक्ति के तहत महिला एनसीसी कैडेट्स ...और पढ़ें
HighLights
महिला एनसीसी कैडेट्स ने संभाली वाराणसी यातायात की कमान।
मिशन शक्ति के तहत चौराहों पर ट्रैफिक किया सुचारु।
नियमों का पालन करने और आपात वाहनों को रास्ता देने की अपील।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। जाम से कराहता शहर ऐसा कि विश्वनाथ मंदिर के काफी पहले तक लोगों को पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ता है। गंगा घाट तक जाना बुजुर्गों के लिए मानो टेढ़ी खीर है। शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम का असर यह है कि वाहनों की लंबी कतार तक अक्सर लग जाती है।
इसी शहर की जाम की दुश्वारी दूर करने के लिए आधी दुनिया ने मंगलवार को मोर्चां संभाला तो वाहनों को गति मिली और नियमों को ताख पर रखने वालों को झिड़की भी। मौका था एनसीसी की महिला कैडेटों को ट्रैफिक संचालन की जिम्मेदारी संभालने का।
आमतौर पर जाम की चपेट में रहने वाले काशी के प्रमुख चौराहों पर मंगलवार को नजारा अलग था। मिशन शक्ति के छठे संस्करण के दूसरे दिन बेटियों ने जब ट्रैफिक की कमान संभाली को जाम के झाम का काम तमाम हो गया।
पैनी नजर, पूरी सतर्कता और सावधानी से बेटियों ने ट्रैफिक को ना केवल सुचारू बनाया बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को ट्रैफिक सेंस भी समझाया। एम्बुलेंस समेत आपात वाहनों को वरीयता दी को धैर्य का परिचय देते हुए वाहनों की लंबी कतारों को कुछ पल में ही खत्म कर दिया।
चौकाघाट चौराहों पर ट्रैफिक की कमान संभाल रही एनसीसी कैडेट नामिका मौर्या ने बताया कि ट्रैफिक संचालन के दौरान बहुत ही चौकन्ना रहना होता है। वाहनों की कतार से घबराए बिना धैर्य के साथ बारी-बारी से वाहनों को पास कराना होता है।
वहीं छाया कुमारी कहती हैं कि आपात वाहनों के आने पर उसे पास दिलाने की जिम्मेदारी भी निभानी होती है। इस दौरान यह जरूरी है कि दूसरे साथी के साथ आपका समन्वय बना रहे।
पुलिस लाइन चौराहों की कमान संभाल रही प्रियंका मिश्रा और वैष्णवी यादव का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस अपनी जिम्मेदारी से काम करती है, लेकिन सड़क पर चलने वाले लोगों को भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। जब ट्रैफिक पुलिसकर्मी रुकने का इशारा करता है को रुकना चाहिए। लेकिन लोग जल्दबाजी में आगे बढ़ जाते हैं और फिर जाम लग जाता है।
दीक्षा और रचना सिंह का कहना है कि जल्दी जाने के चक्कर में बड़ी संख्या में लोग रांग साइड चलते हैं। इससे जाम को लगता ही है वह व्यक्ति भी जल्दी नहीं जा पाता है। इसलिए जरूरी है कि लोग नियमों का पालन करें।
महिला कैडेटों के ये रहे सुझाव
- ट्रैफिक नियमों का पालन करें, निर्धारित रास्ते पर ही चलें
- जल्दबाजी के चक्कर में गलत लेन का प्रयोग ना करें
- ट्रैफिक पुलिसकर्मी के रोकने पर रुकें और हाथ देने पर ही आगे बढ़े
- आपात वाहनों को रास्ता दें। एम्बुलेंस में कोई मरीज तड़प रहा होता है।
- नाबालिगों के हाथ में स्टेयरिंग किसी भी कीमत पर ना दें।
- शहर में ट्रैफिक ज्यादा होता है को स्पीड ज्यादा ना रखें
इन प्रमुख चौराहों पर तैनात रही महिलाशक्ति
एडीसीपी महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि मिशन शक्ति-6 के तहत दूसरे दिन लालपुर पांडेयपुर, पुलिस लाइन चौराहा, गिलट बाजार चौराहा, चौकाघाट चौराहा और मलदहिया चौराहों पर एनसीसी की महिला कैडेटों को ट्रैफिक संचालन की जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान महिला कांस्टेबल भी साथ में रहीं और जरूरत पड़ने पर उन्हें समझाती रहीं। महिला कैडेटों ने बेहतरीन तरीके से ट्रैफिक का संचालन किया। इस दौरान लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी गई और उनसे उसका पालन करने की भी अपील की गई। ट्रैफिक संचालन का कार्य सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक किया गया।
