चंदौली, जेएनएन। सर्दियों में राइनो व कोल्ड वायरस से लोग अधिक पीड़ित हो जाते हैं। साथ ही हृदयाघात, ब्लडप्रेशर व आर्थराइटिस के मरीजों को सर्दियों में विशेष बचाव रखना जरूरी है। हार्ट व ब्लडप्रेशर के रोगी मार्निंगवॉक से परहेज करें। धूप निकलने के बाद ही टहलें। यह जानकारी वरिष्ठ चिकित्सक डा. कांती त्रिपाठी ने दी। डा.त्रिपाठी ने बताया कि राइनो और कोल्ड वायरस का सबसे ज्यादा अटैक इस मौसम में होता है। शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं को ठंड मौसम सतर्क रहने चाहिए। इस समय सबसे अधिक बीमारी का ग्रोथ होता है। इसमें पीड़ित व्यक्ति को बुखार आने लगता है। महिलाओं में कमर दर्द की शिकायत बढ़ जाती है। कैल्शियम एवं विटामिन डी-3 गोली का सेवन करने से फूर्ति बनी रहती है। दर्द से निवारण मिलता है।

सलाह : झोलाछापों के चक्कर में पड़कर अपनी बीमारियों को और अधिक न बढ़ाएं। ब्लडप्रेशर, हार्टअटैक और आर्थराइटिस के मरीजों को सर्दी में विशेष बचाव करनी चाहिए। इस मौसम में वायरल फीवर, खांसी, जुकाम, सर्दी, सीने में दर्द आदि की समस्या भी होती है। जानकारी और बचाव सबसे प्राथमिक उपचार है। पीड़ित लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर खांसना और छींकना नहीं चाहिए। नाक पर रुमाल व मास्क लगाकर निकलने से स्वयं भी बचें और लोगों को भी इसके संक्रमण में आने से बचाएं। क्योंकि यह हवा के माध्यम से एक दूसरे में ट्रांसफर हो जाता है, जबकि इससे फाइलेरिया, निमोनिया भी हो सकता है।

उपाय : गर्म पानी का इस्तेमाल करें। मरीजों को नहाने में भी गर्म पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। ठंड में ताजा भोजन लेने के साथ हरी सब्जियों का प्रयोग करें, जिससे पौष्टिक तत्वों की कमी न होने पाए।