आजमगढ़, जागरण संवाददाता। ‘मेरी पंचायत मेरा अधिकार-जन सेवाएं हमारे द्वार अभियान’ के तहत स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दिन प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में ‘ माडल सिटीजन चार्टर’ लागू हो जाएगा। इससे ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। शासन स्तर से इसके लिए समय सारिणी तय कर दी गई है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार त्रिपाठी के निर्देश के बाद जिले की 1858 ग्राम पंचायतों में योजना को जमीन उतारने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से तैयारी शुरू कर दी गई है।

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के सहयोग से ग्राम पंचायतों को सौंपे गए 29 विषयों के तहत दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं को शामिल कर एवं सतत विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए माडल सिटीजन चार्टर तैयार होगा। अभियान के तहत सिटीजन चार्टर लागू हो जाने के बाद आमजन को कई जरूरी सेवाओं के लिए दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। संबंधित सेवाआें के लिए समय निर्धारित हो जाएगा। ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्राम सचिवालय से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र समेत अन्य सुविधाएं आवेदन की समय सीमा निर्धारित हो जाएंगी। निर्धारित समय सीमा के अंदर संबंधित कार्य नहीं करने पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

शिकायतों के निवारण पर बल

माडल सिटीजन चार्टर में पंचायतों के संकल्प और मिशन के अलावा शिकायत निवारण प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कई गांवों में जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की नकल ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत मिल रही है। लेकिन सिटीजन चार्टर के लागू होने के बाद इन सेवाओं में सुधार होगा। इन सभी प्रमाणपत्रों को देने के लिए समय सीमा तय होगी। इससे ग्रामीणों की समस्याओं का समय से निस्तारण होगा।

कोविड-19 को देखते हुए ग्रामसभा की बैठकों में सिटीजन चार्टर की तैयारी की जाएगी

मुख्य सचिव का निर्देश मिल चुका है, जिसके आधार पर जिले की ग्राम पंयायतों में माडल सिटीजन चार्टर तैयार करने के लिए ब्लाक के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। कोविड-19 को देखते हुए ग्रामसभा की बैठकों में सिटीजन चार्टर की तैयारी की जाएगी।

-श्रीकांत दर्वे, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty