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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MLC Election 2022 : वाराणसी में बृजेश सिंह और उनकी पत्‍नी अन्‍नपूर्णा सिंह चुनाव मैदान में, नाम वापसी पर तय होंगे सियासी योद्धा

By Abhishek SharmaEdited By:
Published: Tue, 22 Mar 2022 12:25 PM (IST)

MLC Election 2022 वाराणसी में बृजेश सिंह और उनकी पत्‍नी अन्‍नपूर्णा सिंह चुनाव मैदान में हैं। लेकिन 24 मार्च को ...और पढ़ें

UP MLC Election 2022 : बृजेश और उनकी पत्‍नी अन्‍नपूर्णा सिंह एमएलसी चुनाव मैदान में हैं।
UP MLC Election 2022 : बृजेश और उनकी पत्‍नी अन्‍नपूर्णा सिंह एमएलसी चुनाव मैदान में हैं।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। जिले में स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र वाराणसी यानी एमएलसी चुनाव 2022 के निर्वाचन के लिए नामांकन पत्र दाखिले की प्रक्रिया सोमवार को आखिरकार पूरी होने के बाद उम्‍मीदवारों की स्थिति काफी हद तक साफ हो चुकी है। वहीं आखिरी समय में भाजपा और समाजवादी पार्टी ने भी एमएलसी चुनाव के लिए ताल ठोंक दी है। कपसेठी हाउस के चर्चित बृजेश सिंह और उनकी पत्‍नी अन्‍नपूर्णा सिंह ने भी इस बार अपना नामांकन दाखिल किया है। अब नामांकन पति पत्‍नी में कौन वापस लेगा और कौन चुनाव मैदान में होगा इसकी चर्चा खूब है। 

सपा, बसपा और भाजपा इन तीनों के शासनकाल में हुए चुनावों में लगातार चार बार से यह सीट कपसेठी हाउस यानी कि बृजेश सिंह और उनके परिवार के कब्जे में रही है। इस बार भी बृजेश के साथ उनकी पत्‍नी अन्‍नपूर्णा सिंह भी एमएलसी चुनाव के लिए मैदान में हैं। अब 24 मार्च को नाम वापसी की अंतिम तिथि है। इस लिहाज से नाम वापसी को लेकर बृजेश या अन्‍नपूर्णा दोनों में कौन चुनाव मैदान में रहेगा यह चर्चा का विषय बना हुआ है। अब दो दिनों में यह परिणाम सामने आ जाएगा कि एमएलसी के लिए कौन चुनाव मैदान में होगा।  

फ‍िलहाल इस सीट पर एमएलसी कपसेठी निवासी और सेंट्रल जेल में बंद बृजेश सिंह हैं। इसके पूर्व उनकी पत्नी अन्नपूर्णा सिंह भी एमएलसी रह चुकी हैं। बृजेश सिंह के साथ ही उनकी पत्‍नी अन्नपूर्णा सिंह ने भी इस बार नामांकन दाखिल किया है। उसके पूर्व बृजेश सिंह के भाई उदयभान उर्फ चुलबुल सिंह भी दो बार एमएलसी रह चुके हैं। 2016 के चुनाव में बृजेश सिंह के सामने सपा की दमदार प्रत्याशी मीना सिंह के होने के बाद भी बृजेश ने रिकार्ड 3038 वोट प्राप्त कर मीना सिंह को हराया था। वहीं एक दिन पूर्व अखिलेश ने जिला प्रशासन पर प्रदेश सरकार का साथ देने का आरोप लगाते हुए बयान दिया था कि इस बार एमएलसी चुनाव में विरोधी उम्‍मीदवार और प्रशासन दोनों से ही पार्टी को लड़ना होगा। इसके पीछे उन्‍होंने वाराणसी शहर दक्षिणी के चुनाव परिणाम को लेकर प्रशासनिक तौर तरीकों पर भी सवाल खड़ा किया था।