विजयदशमी की अनोखी परंपरा; मीरजापुर में लंकेश के दो पुतले, एक का सिर कलम होगा तो दूसरे की लगेगी लंका
मीरजापुर के ड्रमंडगंज में इस विजयदशमी पर रावण के दो पुतले बनाए जा रहे हैं। एक पुतले का सिर धड़ ...और पढ़ें
HighLights
ड्रमंडगंज में विजयदशमी पर रावण के दो पुतले बनेंगे।
एक पुतले का सिर धड़ से अलग किया जाएगा।
दूसरे विशालकाय पुतले का दशहरा मैदान में दहन होगा।
जागरण संवाददाता, ड्रमंडगंज (मीरजापुर)। ड्रमंडगंज के दशहरा मैदान पर इस वर्ष विजय दशमी पर्व पर रावण का सिर धड़ से अलग करने के साथ ही रावण के विशालकाय पुतले का दहन भी किया जाएगा। इसके पूर्व विजय दशमी पर्व पर ड्रमंडगंज में रावण का सिर धड़ से अलग करने की परंपरा रही है लेकिन इस वर्ष रामलीला कमेटी द्वारा रावण के दो पुतले तैयार करवाए जा रहे हैं।
जिसमें लोहे के बीस फुट के बने दस सिर वाले रावण के पुतले का सिर प्रभु राम धड़ से अलग कर वध करेंगे। वहीं बांस के बनाए जा रहे करीब 35 फुट लंबे दस सिर वाले दूसरे पुतले का दशहरा मैदान में दहन किया जाएगा। ड्रमंडगंज बाजार का विजयदशमी मेला काफी प्रसिद्ध है। पुरानी परंपरा के अनुसार यहां रावण के पुतले का सिर कलम किया जाता रहा है।

लेकिन इस बार रामलीला कमेटी ने निर्णय लिया है कि इस बार विजयदशमी पर एक पुतले का सिर धड़ से अलग और एक पुतले का दहन किया जाएगा। दोनों पुतलों को ड्रमंडगंज निवासी कलाकार दुल्लीचंद बिंद व उनकी टीम द्वारा तैयार किया जा रहा है। दुल्लीचंद बिंद ने बताया कि इस बार लोहे के दस सिर वाले रावण के पुतले के अलावा बांस की लकड़ी से करीब 35 फुट लंबे दस सिर वाले पुतले को रामलीला कमेटी के अध्यक्ष के निर्देश पर तैयार किया जा रहा है।
रामलीला कमेटी ड्रमंडगंज के अध्यक्ष आशीष गुप्ता गूड्डू ने बताया कि इस बार रावण के दस सिर वाले लोहे के पुतले के अलावा रामलीला कमेटी के निर्णय पर रावण का विशालकाय पुतला दहन के लिए तैयार करवाया जा रहा है। ड्रमंडगंज के प्रसिद्ध विजयदशमी मेला को देखने के लिए क्षेत्रीय लोगों के अलावा मध्य प्रदेश व प्रयागराज जिले से हजारों की संख्या में लोग आते हैं।

इस बार लोगों को दशहरा मैदान पर रावण के दो विशालकाय पुतले देखने को मिलेंगे। परंपरानुसार लोहे के बने दस सिर वाले रावण के पुतले को वध से पूर्व ट्रैक्टर ट्राली पर रखकर ड्रमंडगंज बाजार में घुमाया जाता है। ग्राम प्रशासक (प्रधान) कौशलेंद्र गुप्ता ने बताया कि परंपरानुसार रावण के लोहे के बने दस सिर वाले पुतले का भगवान राम द्वारा सिर धड़ से अलग किए जाने की पूर्वजों द्वारा बनाई गई परंपरा कायम रहेगी।
रावण के बनाए जा रहे दूसरे विशालकाय पुतले का दहन किया जाएगा। इससे पूर्व ड्रमंडगंज में विजयदशमी पर्व पर रावण का पुतला दहन करने की परंपरा नही थी।ड्रमंडगंज में पहली बार नई परंपरा की शुरुआत होगी। इस बार दशहरा मैदान पर पुतला दहन को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
