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वाराणसी ज‍ि‍ला ड्रग वेयरहाउस के तीन सैंपल फेल होने के बाद दवा वितरण पर रोक, बीएचयू से भी लिए गए नमूने

By Shivam SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 03 Oct 2026 11:59 PM (IST)

वाराणसी जिला ड्रग वेयरहाउस से एजिथ्रोमाइसीन एंटीबायोटिक के तीन सैंपल मिस्ब्रांड पाए गए हैं, जिसके बाद दवा का वितरण तुरंत ...और पढ़ें

वाराणसी ड्रग वेयरहाउस में एजिथ्रोमाइसीन के सैंपल फेल, दवा वितरण पर रोक।

वाराणसी ड्रग वेयरहाउस में एजिथ्रोमाइसीन के सैंपल फेल, दवा वितरण पर रोक।

HighLights

  1. एजिथ्रोमाइसीन एंटीबायोटिक के तीन सैंपल मिस्ब्रांड पाए गए।

  2. मिस्ब्रांड दवाओं का वितरण तुरंत रोका गया, कंपनी से जवाब तलब।

  3. बीएचयू और अन्य अस्पतालों से भी दवाओं के नमूने लिए गए।

शिवम सिंह, जागरण, वाराणसी। जिला ड्रग वेयरहाउस से लिए गए एजिथ्रोमाइसीन एंटीबायोटिक के सैंपलों में बड़ीगड़बड़ी सामने आई है। तीन सितंबर को वेयरहाउस से चार सैंपल लिए गए थे। इनमें से तीन सैंपल मिस्ब्रांड यानी लेबल में गंभीर अनियमितता वाले पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद संबंधित दवा का वितरण तुरंत रोक दिया गया है और कंपनी से जवाब तलब किया गया है।

जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने वेयरहाउस से एजिथ्रोमाइसीन के अलग-अलग एज ग्रुप के लिए निर्धारित सैंपल एकत्र किए थे। जांच रिपोर्ट में चार में से तीन सैंपल में लेबल संबंधी गड़बड़ी पाई गई। मिस्ब्रांड (दवा के पैकेट या लेबल पर दी गई जानकारी सही नहीं है या नियमों के अनुरूप नहीं) में बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, निर्माण तिथि और अन्य जरूरी विवरण में अंतर मिला है।

ये एजिथ्रोमाइसीन सनराइज इंटरनेशनल लैब लिमिटेड तेलंगाना की बनाई हुई है। ऐसी दवाओं को बांट कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया गया है, जबकि सरकारी अस्पतालों में बांटना यह कानूनी रूप से अवैध माना जाता है।

तेलंगाना सरकार से राज्य में आई दवाएं, मरीजों के स्वास्थ्य के साथ हो रही खिलवाड़

तेलंगाना सरकार से उत्तर प्रदेश के ड्रग वेयर हाउस में प्रदेश स्तर पर खरीदारी की गई है। इसके बाद लखनऊ से ही जिले के विभिन्न ड्रग वेयर हाउस में दवाओं की सप्लाई की गई। अब हालत यह है कि यूपी में यह दवा जिलास्तर पर पहुंचकर सीएचसी-पीएचसी और जिलास्तरीय अस्पतालों में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराई जा रही चुकी है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ कर दिया गया है। गलीमत यह है कि जिला खाद्य और औषधि प्रशासन ने सैंपलिंग कर इस पर रोक लगा दी है।

बोले ज‍िम्‍मेदार अध‍िकारी

जिला ड्रग वेयरहाउस प्रशासन और संबंधित सप्लायर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में सेल-परचेस के पूरे रिकार्ड, बिल, चालान और दवा से जुड़े सभी दस्तावेज पेश करने को कहा गया है। साथ ही इस बैच की शेष दवा को पब्लिक को देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। - जूनाब अली, ड्रग इंस्पेक्टर, जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन वाराणसी।

जिला ड्रग वेयरहाउस से उठाए गए दवाओं के सैंपलों में कई फेल पाए गए हैं। जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन के इंस्पेक्टरों द्वारा जांच में एंटीबायोटिक, एजिथ्रोमाइसिन, कैल्शियम और आयरन समेत कई दवाओं के सैंपल फेल हुए। - प्रदीप कुमार, फार्मासिस्ट, प्रभारी, ड्रग वेयर हाउस वाराणसी।

 

बीएचयू में पहली बार जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने उठाया सैंपल

जिले में दवा गुणवत्ता जांच को लेकर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पहली बार जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा संस्थानों से सैंपल लिए हैं। आइएमएस बीएचयू से आठ सैंपल एकत्र किए गए। इसके अलावा मानसिक चिकित्सालय से चार और ईएसआइसी मेडिकल कालेज से 20 सैंपल लिए गए। सैंपल को एकत्रित करके जांच के लिए जन औषधि प्रयोगशाला लखनऊ भेज दिए गए हैं।

एजिथ्रोमाइसीन एक महत्वपूर्ण एंटीबायोटिक है। इसका इस्तेमाल श्वसन संक्रमण, कान के संक्रमण, त्वचा संबंधी बीमारियों और कई अन्य संक्रमणों में व्यापक रूप से किया जाता है। बच्चों सहित अलग-अलग उम्र के मरीजों के लिए इसकी खुराक निर्धारित होती है। अगर लेबल में गड़बड़ी हो तो गलत खुराक दिए जाने का खतरा बढ़ जाता है जिससे मरीज की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए संदिग्ध दवा को स्टाक से अलग कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और कंपनी के जवाब के आधार पर तय की जाएगी।

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डा. एनपी सिंह, सीएमओ वाराणसी।