बलिया [रवींद्र मिश्र]। भारत के साथ अपने पुराने रिश्तों को नया आयाम देने के लिए उत्सुक है मॉरीशस। शायद यही कारण है कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्र¨वद जगन्नाथ भारत में अपनी जड़ तलाश रहे हैं। पीएम के पैतृक गांव को तलाशने के लिए मॉरीशस सरकार ने भारत में मौजूद अपने उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवर्धन को गत दिनों बलिया के रसड़ा तहसील भेजा था। उच्चायुक्त की पहल पर बलिया जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार से जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत की अगुवाई में अफसरों ने पुराने अभिलेखों को खंगालने के काम शुरू कर दिए।

रिश्तों को नई ऊंचाई देना चाहते हैं जगन्नाथ : जागरण से बातचीत में उच्चायुक्त जगदीश्वर ने कहा कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द्र जगन्नाथ अपने पूर्वजों की जन्म व कर्मस्थली को करीब से जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं। वह अपने पैतृक गांव को न सिर्फ जानना चाहते हैं, बल्कि भारतवासियों के साथ अपने रिश्तों को नई ऊंचाइयां देना चाहते हैं।
24 जनवरी को आ सकते हैं रसड़ा : उच्चायुक्त जगदीश्वर के अनुसार पीएम जगन्नाथ 24 जनवरी- 2019 को रसड़ा आएंगे। पीएम को वाराणसी में आयोजित अप्रवासी भारतीयों के सम्मेलन में शिरकत करने आना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वह काशी आ रहे हैं। सम्मेलन में पीएम जगन्नाथ एक सत्र की अध्यक्षता भी करेंगे। सम्मेलन में भाग लेने के बाद वह बलिया की यात्रा करेंगे। गौरतलब है कि पीएम प्र¨वद्र के पिता अनिरुद्ध जगन्नाथ ने 18 वर्ष तक मॉरीशस के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित किया।

1873 में गए थे मॉरीशस : जिलाधिकारी भवानी सिंह ने बताया कि पुराने अभिलेखों में मॉरीशस गए पीएम प्र¨वद्र के पूर्वज की माता का नाम बतासिया तथा पिता का नाम बिदेशी लिखा गया है। फिलहाल यह पता नहीं चल पा रहा है कि पीएम के पूर्वजों के संबंधी रसड़ा के किस परिवार से जुड़े हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे रसड़ा के विभिन्न गांवों व कस्बों में इस बात का प्रचार-प्रसार करें कि अगर किसी परिवार का कोई सदस्य पहले कभी मॉरीशस गया हो या ऐसी कोई जानकारी हो तो वह आकर बताए। डीएम ने कहा कि भारत में मॉरीशस के उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवर्धन ने उन्हें बताया है कि प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के पूर्वज 1873 में जहाज से गन्ना बोने के लिए मॉरीशस गए थे और फिर स्वदेश नहीं लौटे। प्रधानमंत्री प्रविन्द के पूर्वज 'अहीर' जाति से हैं। प्रधानमंत्री अपने पैतृक गांव व खानदान के लोगों से मिलना चाहते हैं।