यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अपहरण का आरोपित गिरफ्तार, युवती को उसके मामा के घर से लेकर हुआ था फरार Jaunpur news
केराकत में दस दिन पूर्व एक युवती के अपहरण के मामले में पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जौनपुर, जेएनएन। केराकत कोतवाली क्षेत्र के लव जिहाद प्रकरण में कोर्ट ने आरोपित मोबिन को विभिन्न धाराओं में सोमवार को जेल भेज दिया। मामले की लीपापोती में जुटी पुलिस तब हरकत में आई और आरोपित की गिरफ्तारी की जब अपहृत विवाहिता के परिजनों की गुहार पर अपर पुलिस महानिदेशक ने हस्तक्षेप किया।
महराजगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता केराकत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अपने मामा के यहां रहकर बीटीसी की पढ़ाई कर रही थी। ननिहाल से ही वह गत 19 जुलाई को लापता हो गई। युवती के पिता ने केराकत कोतवाली में तहरीर देकर महराजगंज निवासी मोबिन अली व आशिक अली पर अपहरण किए जाने का आरोप लगाया। मायके वालों ने दूसरे दिन 10:30 बजे रात रोडवेज तिराहा पर दोनों को पकड़ लिया। आरोपित मोबिन को लाइन बाजार थाना पुलिस के हवाले कर दिया। इसका उल्लेख 20 जुलाई को थाने पर दर्ज प्राथमिकी में है। आरोप है कि लाइन बाजार पुलिस ने लव जिहाद ग्रुप के नाजायज प्रभाव में आकर आरोपित मोबिन को छोड़ दिया। कोर्ट में युवती का बयान दर्ज हुआ।
लड़की पक्ष ने एडीजीपी व अन्य पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई कि लव जिहादी ग्रुप का भंडाफोड़ कर राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ मिलकर लव जिहाद के आरोपित मोबिन वगैरह के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। मोबिन को थाने से छोडऩे के लिए पुलिस के खिलाफ भी आरोप लगाया। कोर्ट में विवाहिता की मां ने दरखास्त दी कि लव जिहाद में वादिनी की पुत्री को बहला-फुसलाकर फंसाया गया। बिना धर्म परिवर्तन किए ङ्क्षहदू लड़की मुस्लिम की पत्नी नहीं बन सकती। उसने मांग किया कि उसकी बेटी को नारी निकेतन भेजा जाए या फिर उसे सिपुर्द किया जाए। उसकी पुत्री की शादी पहले ही वाराणसी में हुई है। एडीजीपी के हस्तक्षेप पर हरकत में आए पुुलिस प्रशासन ने आरोपित मोबिन अली को रविवार की रात केराकत रोडवेज तिराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया। पहले से दर्ज अपहरण के मुकदमे में विवाहिता को बहला-फुसलाकर भगाने एवं द्विविवाह की धारा की बढ़ोतरी करने के बाद चालान कर आरोपित को कोर्ट में पेश किया। आरोपित की ओर से दिए गए जमानत प्रार्थना पत्र का पीडि़त पक्ष के अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम ने विरोध किया। कोर्ट ने जमानत निरस्त आरोपित को जेल भेज दिया।
महराजगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता केराकत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अपने मामा के यहां रहकर बीटीसी की पढ़ाई कर रही थी। ननिहाल से ही वह गत 19 जुलाई को लापता हो गई। युवती के पिता ने केराकत कोतवाली में तहरीर देकर महराजगंज निवासी मोबिन अली व आशिक अली पर अपहरण किए जाने का आरोप लगाया। मायके वालों ने दूसरे दिन 10:30 बजे रात रोडवेज तिराहा पर दोनों को पकड़ लिया। आरोपित मोबिन को लाइन बाजार थाना पुलिस के हवाले कर दिया। इसका उल्लेख 20 जुलाई को थाने पर दर्ज प्राथमिकी में है। आरोप है कि लाइन बाजार पुलिस ने लव जिहाद ग्रुप के नाजायज प्रभाव में आकर आरोपित मोबिन को छोड़ दिया। कोर्ट में युवती का बयान दर्ज हुआ।
लड़की पक्ष ने एडीजीपी व अन्य पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई कि लव जिहादी ग्रुप का भंडाफोड़ कर राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ मिलकर लव जिहाद के आरोपित मोबिन वगैरह के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। मोबिन को थाने से छोडऩे के लिए पुलिस के खिलाफ भी आरोप लगाया। कोर्ट में विवाहिता की मां ने दरखास्त दी कि लव जिहाद में वादिनी की पुत्री को बहला-फुसलाकर फंसाया गया। बिना धर्म परिवर्तन किए ङ्क्षहदू लड़की मुस्लिम की पत्नी नहीं बन सकती। उसने मांग किया कि उसकी बेटी को नारी निकेतन भेजा जाए या फिर उसे सिपुर्द किया जाए। उसकी पुत्री की शादी पहले ही वाराणसी में हुई है। एडीजीपी के हस्तक्षेप पर हरकत में आए पुुलिस प्रशासन ने आरोपित मोबिन अली को रविवार की रात केराकत रोडवेज तिराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया। पहले से दर्ज अपहरण के मुकदमे में विवाहिता को बहला-फुसलाकर भगाने एवं द्विविवाह की धारा की बढ़ोतरी करने के बाद चालान कर आरोपित को कोर्ट में पेश किया। आरोपित की ओर से दिए गए जमानत प्रार्थना पत्र का पीडि़त पक्ष के अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम ने विरोध किया। कोर्ट ने जमानत निरस्त आरोपित को जेल भेज दिया।