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मेगा ट्रक पर आई बड़ी आफत; वैकल्पिक रास्ते पर वाराणसी में ब्वायलर लदा ट्रक फंसने के बाद न‍िकालने में छूट रहे पसीने

By Ravi PandeyEdited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 29 Sep 2026 11:49 AM (IST)

बेल्जियम से आया 200 टन वजनी विशालकाय बॉयलर लदा ट्रक वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा पर वैकल्पिक रास्ते में फंस ...और पढ़ें

HighLights

  1. विशालकाय 200 टन वजनी बॉयलर लदा ट्रक वैकल्पिक रास्ते में फंसा।

  2. डाफी टोल प्लाजा पर जमीन धंसने से पहिया फंसा, निकालने के प्रयास जारी।

  3. ट्रक फंसने से यातायात बाधित, बिजली विभाग भी तार हटा रहा है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बेल्जियम से होते हुए ओडिशा के रास्ते एक विशालकाय वेसल लदा ट्रक सोमवार को अपराह्न साढ़े तीन बजे वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा पहुंचा। इस ट्रक का वजन लगभग 200 टन है और इसमें 308 पहिए हैं।

ट्रक ने करीब 20 घंटे से अधिक समय तक टोल प्लाजा पर रुकने के बाद मंगलवार की सुबह लगभग 11 बजे डाफी टोल प्लाजा के उत्तर साइड में बनाए गए वैकल्पिक रास्ते पर प्रवेश किया।

ट्रक को निकालने के लिए गिट्टी और बालू डालकर उसके ऊपर लोहे की बड़ी प्लेटें रखी गईं, लेकिन अधिक वजन और जमीन के धंसने के कारण ट्रक का पहिया फंस गया। ट्रक को निकालने के लिए साथ में चल रहे हैवी मशीन वाले ट्रक से प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह कार्य अत्यंत कठिन साबित हो रहा है।

इस स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग ने शटडाउन लेकर दो खंभों के तार को हटाने का निर्णय लिया है। ट्रक को निकालने के लिए टोल प्लाजा के कर्मचारी और एनएचएआई के कर्मचारी भी जुटे हुए हैं।

विशालकाय मशीन को देखने के लिए राहगीरों और आसपास के गांवों से भीड़ इकट्ठा हो रही है। लोग इस अद्भुत मशीन के साथ वीडियो, फोटो और रील बनाने में व्यस्त हैं। जबकि‍ फंसने के बाद इसके लखीमपुर खीरी तक पहुंचने की राह कठ‍िन हो गई है। 

इस घटना ने वाराणसी में ट्रैफिक व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। ट्रक के फंसने से आसपास के मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रक के फंसने की इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए एक चुनौती उत्पन्न कर दी है। सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि ट्रक को जल्द से जल्द निकाला जा सके ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके।

इस प्रकार की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं, जब भारी वाहनों को संकीर्ण या अस्थिर रास्तों पर ले जाया जाता है। इससे न केवल ट्रक के चालक को परेशानी होती है, बल्कि स्थानीय निवासियों और यात्रियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारी वाहनों के लिए उचित मार्गों का चयन करना कितना महत्वपूर्ण है। ट्रक के फंसने की इस घटना ने सभी संबंधित विभागों को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे ऐसी समस्याओं से निपटा जा सकता है।

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