जागरण संवाददाता, वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने स्नातक के दस पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सोमवार की देर शाम कट आफ जारी कर दिया है। आनलाइन काउंसिलिंग के तहत इन पाठ्यक्रमों के अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर शैक्षिक व अन्य अभिलेख अपलोड करने की सूचना एसएमएस से दी जाएगी। प्रथम चरण में सीट के सापेक्ष चार गुना अधिक अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र अपलोड करने का मौका दिया जाएगा।

इन पाठ्यक्रमों का वेबसाइट पर अपलोड हुआ कट आफ

बीम्यूज, बीएफए, डिप्लोमा इन वोकल म्यूजिक, बीए-आनर्स (मास कम्युनिकेशन), बीए-एलएलबी, बीएससी (आनर्स)-कृषि, बीए, बीकाम, बीएससी (बायो व गणित),

मेरिट वाले पांच पाठ्यक्रमों में भी काउंसिलिंग शुरू

30 पाठ्यक्रमों में निर्धारित सीट से दोगुने से कम आवेदन आए हैं। इसे देखते हुए विद्यापीठ प्रशासन इन पाठ्यक्रमों में मेरिट से दाखिला लेने का निर्णय लिया है। मेरिट पांच पाठ्यक्रमों दाखिले की प्रथम सूची जारी कर दी है। इन पाठ्यक्रमों के अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर प्रमाणपत्र अपलोड करने के लिए एसएमएस भेजा जा रहा है।

-बीएससी (टेक्सटाइल्स एंड हैंडलूम), दो वर्षीय कन्नड़ पाठ्यक्रम, डिप्लोमा इन कर्मकांड, डिप्लोमा इन ड्रामा, सर्टिफिकेट इन योगा।

प्रमुख पाठ्यक्रमों का कट आफ इस प्रकार है

बीए

सामान्य : 352-128

इडब्ल्यूएस : 224-48

ओबीसी : 228-112

एसी : 224-88

एसटी : 216-112

बीकाम

सामान्य : 306-224

इडब्ल्यूएस : 264-224

ओबीसी : 246-216

एसी : 264- 192

एसटी : 232-208

बीएससी-मैथ

सामान्य : 312-168

इडब्ल्यूएस : 248-152

ओबीसी : 248-160

एसी : 240-112

एसटी : 224-128

संस्कृत कालेजों में जल्द होगी शिक्षकों की नियुक्तियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्कृत महाविद्यालयों में भी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू कराने का संकेत दिया है। हालांकि शिक्षकों की संविदा पर नियुक्ति होगा या स्थायी। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने अभी स्पष्ट नहीं किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्यसचिव ने विश्वविद्यालय से सूबे के संस्कृत कालेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों की सूची तलब की है। दूसरी ओर कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी सोमवार को कचहरी स्थित सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीएम को बताया कि कुछ महाविद्यालयों ने नियुक्तियों को लेकर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने पहले की भांति विश्वविद्यालय को नियुक्ति करने का अधिकार दे दिया है। हालांकि शासन की स्वीकृति मिलने के बाद ही नियुक्तियां शुरू की जा सकती है।

Edited By: Saurabh Chakravarty