आजमगढ़, जेएनएन। हथियार के अभाव के बावजूद आग से मोर्चेबंदी को फायर ब्रिगेड तैयार है। 55 लाख की आबादी एवं 4054 वर्ग किमी में फैले जिले में सिर्फ चार अग्निशमन केंद्र हैं। मार्टीनगंज में निर्मित अग्निशमन केंद्र संशाधन व कर्मियों के अभाव में शोपीस बना है। कमोबेश फूलपुर में भी यही स्थिति है, अफसर अस्थाई अग्निशमन केंद्र भी नहीं खुल सका है।

हाइड्रेंड व पानी का अभाव

फायर ब्रिगेड के लिए पानी की सबसे बड़ी समस्या है। दूसरे विभागों एवं संसाधनों के सहारे रहना पड़ता है। इससे निपटने को फायर विभाग जिला मुख्यालय पर करीब 17 हाइड्रेंड लगवाए थे, जिनमें अधिकांश दफन हो चुके हैं। अधिकारियों के पत्र लिखने के बावजूद जिम्मेदारों की तंद्रा नहीं टूटी।

गिनती के बचे ब्रिगेड

जनसंख्या व क्षेत्रफल के ब्रिगेड की संख्या आधे से भी कम हैं। कमोबेश संशाधन की स्थिति भी ऐसी ही है। ब्रह्मस्थान पर तीन बड़ी व तीन छोटी दमकल की गाडिय़ां हैं तो इंस्पेक्टर नहीं। महराजगंज, लालगंज व बूढऩपुर में एक बड़ा व एक छोटा दमकल वाहन है। ब्रह्मस्थान फायर स्टेशन पर अग्निशमन प्रथम व द्वितीय अधिकारी का भी पद रिक्त है। लीडिंग फायर मैन एक, चालक के तीन, फायरमैन के 27 पद रिक्त चल रहे हैं।

2.87 करोड़ का नुकसान

वर्ष 2019-20 में आग से 14 इंसानों के साथ 32 मवेशी जल गए थे। दो इंसान एवं 22 मवेशियों को बचाया गया था। 2.87 करोड़ की संपत्ति जल गई थी, जबकि 13.39 करोड़ के नुकसान को बचाया गया था।

आग से बचाव को बरतें सावधानी

  • सुबह नौ से पूर्व एवं शाम छह बजे के बाद भोजन बनाएं।
  • पानी भरी बाल्टी चूल्हे के पास रखें।
  • चूल्हे की आग फिर राख में पानी डालें।
  • दीया, लालटेन बुझाकर सोएं।
  • कटाई में पंपसेट के पास पानी रखें।

संसाधन कम है लेकिन दुश्वारियों जैसी कोई बात नहीं

जवान जज्बे से आग पर काबू पाएंगे। संसाधन कम है, लेकिन दुश्वारियों जैसी कोई बात नहीं। वर्तमान में आग की कई घटनाएं हुईं, जवानों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

सत्येंद्र कुमार पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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