वाराणसी, जेएनएन। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेस की रजत जयंती पर शुक्रवार की शाम मशहूर कवि कुमार विश्वास ने अपनी कविताओं एवं गीतों के माध्यम से समा बांध दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं की मनोदशा को अपनी कविताओं के माध्यम से बयां किया। जब उन्होंने 'कोई दिवाना कहता है, कोई पागल..' कविता शुरू की तो उपस्थित विद्यार्थी व शिक्षक रोमांचित हो उठे। दर्शक दीर्घा करतल ध्वनित से गुंजायमान होती रही। विश्वास ने जब 'किसी के दिल की मायूसी जहां से होके गुजरी है, हमारी सारी चालाकी वहीं पर खोके गुजरी है'। गीत से छात्राओं को हंसाया। इसके बाद उन्होंने 'तुम्हारी और मेरी रात में बस फर्क इतना है, तुम्हारी सोके गुजरी है, हमारी रोके गुजरी है' कविता पढ़ी तो खासकर युवतियां झूम उठीं।

साथ ही कुमार ने समसामयिक विषयों के साथ आज की युवा पीढ़ी व छात्राओं को समर्पित कई कविताएं प्रस्तुत की। वीर रस की कविताओं ने उन्होंने शाम से शुरू रात तक चलने वाले वाले इस आयोजन में गर्माहट भर दी साथ ही युवाओं में देशभक्ति का जोश भर दिया। कुमार विश्वास ने अपनी नवीन रचनाओं से भी श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। एसएमएस का रजत जयंती समारोह जासं, वाराणसी : स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेस (एसएमएस) ने शुक्रवार को अपना 25वें स्थापना दिवस को 'आधारशिला' जयंती समारोह के रूप में मनाया। संस्थान को यूजीसी नैक से ए श्रेणी प्रदत्त प्रबंधन एवं तकनीकी प्रमाण पत्र प्राप्त है। प्रबंधन ने दावा किया कि संस्थान देश के 50 सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में शामिल हैं।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि बेहतर मैनेजमेंट संस्थान ही भारत को विश्व गुरु बनने के पथ पर ले जाएंगे। इसमें एसएमएस बेहतर भूमिका निभाएगा। युवाओं से कहा कि उनको पीएम मोदी से बेहतर प्रबंधन सीखना चाहिए। विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि एसएमएस पूर्वाचल के उत्कृष्ट संस्थानों में से एक है। महात्मा गाधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि भारत में नौकरियों की नहीं बल्कि अच्छे लोगों की कमी है। विद्यार्थी में बेहतर स्किल व अनुभव है तो कंपनियां ढूंढकर नौकरी देंगी। विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, निदेशक प्रो. पीएन झा, अधिशासी सचिव डा. एमपी सिंह, चेयरमैन एसके सिंह, कुलसचिव संजय गुप्ता आदि थे। संचालन डा. पल्लवी पाठक ने किया।

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