जागरण संवाददाता, भदोही। शहरी गरीबों के लिए बनाए गए काशीराम शहरी आवास योजना के अंतर्गत आवास आवंटन में व्यापक स्तर पर धांधली की गई है। अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में 800 आवास अपात्रों को आवंटित करने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में टीम अंतिम जांच सौंपने की तैयारी में है।

काशीराम शहरी आवास योजना में धांधली की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र भूषण मिश्रा की अध्यक्षता में टीम गठित की थी। टीम में परियोजना निदेशक डूडा, तहसीलदार ज्ञानपुर, अधिशासी अधिकारी ज्ञानपुर और अवर अभियंता आबिद अली शामिल हैं। विकास भवन के पास कंसापुर में कुल 1500 आवासों का निर्माण कराया गया था। शासनादेश के अंतर्गत शहरी गरीबों को आवास आवंटित किया जाना था। अधिकारियों ने आवंटन में मनमानी करते हुए करीब 800 अपात्रों को आवास आवंटित कर दिया गया था। जांच टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि मामला बहुत गंभीर है। अब तक करीब 800 अपात्र पकड़े जा चुके हैं। इस मामले में पूर्व तहसील और नगर पंचायत के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच की जा चुकी है। अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम के यहां कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

गांव में बना दिया गया शहरी आवास : काशीराम शहरी आवास का निर्माण कंसापुर गांव में करा दिया गया। योजना आते ही आनन-फानन नगर की सीमा बढ़ाने के लिए तत्कालीन चेयरमैन घनश्याम गुप्ता ने प्रस्ताव भी भेजा था। प्रस्ताव में कंसापुर आदि गांवों को नगर में शामिल कर दिया गया था। धीरे-धीरे एक दशक बीत गया लेकिन अभी तक सीमा स्वीकृति नहीं मिली है।

Edited By: Abhishek Sharma