जागरण संवाददाता, वाराणसी : श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में बाबा के अभिषेक के लिए पूजन सामग्री की थाल में मंदिर प्रशासन ने कटौती कर दी है। अभिषेक की दर 450 रुपये यथावत रखते हुए पूजा थाल से पंचामृत सामग्री हटा दी गई है। पहले पूजा थाल में हल्दी, अक्षत, रोली, भस्म-चंदन, भांग, देसी चीनी, शहद, घी, दही, जनेऊ, बेलपत्र, अबीर, कपूर, सुपाड़ी, गुलाब की माला, प्रसाद-मिश्री रहता था। अब इसमें पंचामृत की सामग्री को हटा लिया गया है। वहीं माला भी गुलाब की जगह गेंदा की रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की ओर से इसे लेकर आपत्ति जताने पर मंदिर हेल्प डेस्क से उन्हें बताया गया कि प्रशासन की ओर से मिले आदेश अनुसार ही अभिषेक सामग्री दी रही है।

दरअसल, मंदिर की ओर से एक शास्त्री से अभिषेक के लिए 450 रुपये शुल्क तय है। इसमें मंदिर शुल्क, पूजा की थाल व शास्त्री की दक्षिणा शामिल है। पूजन सामग्री तो कम कर दी गई है लेकिन दर में कोई घटाव नहीं की गई है। इस संबंध में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि कोविड को देखते हुए मात्रा कुछ कम करने का जरूर विचार किया जा रहा है, लेकिन पूजन की थाली से पंचामृत हटाया जाना गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। पूजन विधान और श्रद्धालुओं की भावना का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम को केंद्र में रखते हुए धर्म नगरी में प्रचलित यात्रा पथों को जोड़ने की तैयारी

समग्र पर्यटन विकास योजना के तहत श्रीकाशी विश्वनाथ धाम को केंद्र में रखते हुए धर्म नगरी में प्रचलित यात्रा पथों को जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसमें शामिल द्वादश ज्योतिर्लिंग, काशी भैरव, नौ गौरी, नौ दुर्गा, अष्ट विनायक, अष्ट प्रधान विनायक, अष्ट भैरव, काशी विष्णु, द्वादश आदित्य, काशी चार धाम, एकादश विनायक मंदिरों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रस्तावित परियोजना पावन पथ के चार सर्किट के लिए 24.34 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इन चार सर्किटों में अष्ट भैरव और नौ गौरी यात्रा के लिए 532.31 लाख, नव दुर्गा यात्रा के लिए 504.42 लाख, काशी चार धाम यात्रा, काशी विष्णु यात्रा, द्वादश आदित्य यात्रा के लिए 676.72 लाख, अष्ट विनायक, विनायक एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग के लिए 720.63 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।

Edited By: Saurabh Chakravarty