वाराणसी, जागरण संवाददाता। नैनी सेंट्रल जेल में निरुद्ध बसपा सांसद अतुल राय का गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) रजत वर्मा की अदालत ने न्यायिक रिमांड मंजूर कर लिया। अब अगली सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तिथि मुकर्रर की है। लंका पुलिस ने न्यायिक रिमांड बनाने के लिए अदालत से अपील की थी। दो नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अतुल राय के न्यायिक रिमांड पर सुनवाई होनी थी लेकिन प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) की अदालत में पेशी होने के कारण सुनवाई नहीं हो सका था।

जबकि मिर्जापुर जेल से लाकर पेश किए गए सुजीत सिंह बेलवा का न्यायिक रिमांड पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इसे मंजूर कर लिया।अतुल राय के न्यायिक रिमांड पर सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तिथि मुकर्रर कर दी थी।

लंका पुलिस ने 26 अक्टूबर को प्रार्थना पत्र देकर अतुल राय और सुजीत सिंह बेलवा का न्यायिक रिमांड बनाने की अदालत से अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों आरोपितों को पेश करने के लिए वारंट 'बी' जारी कर दिया। इस पर बसपा सांसद के अधिवक्ता ने सांसद की अस्वस्थता और मऊ के बाहुबली विधायक से जान का खतरा बताते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करने का अदालत से अपील की। प्रयागराज की अभिसूचना इकाई और नैनी सेंट्रल जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए न्यायिक रिमांड पर सुनवाई की इजाजत दे दी। बुधवार को सुनवाई के दौरान अतुल राय के अधिवक्ता अनुज यादव ने लंका पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के गैंग चार्ट में दर्शाये गए मुकदमों पर आपत्ति जताया और न्यायिक रिमांड को निरस्त करने की दलील दी। अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद न्यायिक रिमांड मंजूर कर लिया। बता दें कि एक युवती से दुष्कर्म के मामले में मऊ के सांसद अतुल राय नैनी सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं।

Edited By: Saurabh Chakravarty