वाराणसी : रेल प्रशासन ने गरीबों की जरूरतों को देखते हुए 'जनता खाना' की व्यवस्था स्टेशन व पैंट्रीकार वाली ट्रेनों में कर रखी है। भोजन की इस थाली के लिए स्टेशन पर 15 व ट्रेन में 20 रुपये का रेट तय है। इसमें छह पुड़ी, आलू की सब्जी के अलावा अचार परोसा जाता है। गरीब यात्रियों के लिए शुरू किया गया यह भोजन इन दिनों कैंट स्टेशन से नदारद है। इसके बदले न्यूनतम 35 रुपये में भोजन वाली थाली यात्रियों को खरीदनी पड़ती है।

अफसरों के मुताबिक सबसे पहले स्टेशन के कैंटीन व सभी टी-स्टॉलों में जनता खाना रखना जरूरी है। ऐसा न करने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। जीएसटी की वजह से स्टेशनों व ट्रेनों में यात्रियों ने जनता खाना के लिए अधिक राशि लेने की शिकायत की थी। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने सरकुलर जारी किया। साथ ही पैंट्रीकार वाली ट्रेनों में भी जनता खाना रखना जरूरी कर दिया। इसमें पूड़ी-सब्जी का पैकेट देने का नियम है लेकिन अक्सर देखा जाता है कि पैंट्रीकार वाली ट्रेन में केवल समोसा और कटलेट ही यात्रियों को परोसा जाता है। यात्रियों के मांगने पर भी पुड़ी-सब्जी वाला जनता पैकेट नहीं मिलता लेकिन अब रेलवे बोर्ड इन शिकायतों पर गंभीर हो गया है। स्टेशन पर तैनात अफसरों को ट्रेनों में औचक निरीक्षण करने निर्देश दिए गए हैं।

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रेट और मात्रा का अनाउंसमेंट

रेलवे बोर्ड ने जनता खाना के लिए स्टेशन में 15 और ट्रेन में 20 रुपये तय किया है। इसमें 175 ग्राम पुड़ी (5-6), 150 ग्राम आलू की सूखी सब्जी के साथ 15 ग्राम अचार की मात्रा तय की गई है। नए नियम के तहत जिस तरह से यात्रियों को ट्रेनों के आने-जाने की पूरी जानकारी दी जाती है, उसी तरह अब उद्घोषणा कर जनता खाना के बारे में बताया जाएगा। अफसरों के मुताबिक जनता खाना को सभी प्लेटफार्म पर बने स्टालों में रखना अनिवार्य है। ---

फूड प्लाजा व जनाहार समेत स्टेशन के स्टालों पर जनता खाना उपलब्ध है। यदि किसी स्टाल पर जनता खाना नहीं मिले तो शिकायत करें। संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। पैंट्रीकार वाली ट्रेनों में भी जनता खाना की व्यवस्था होती है।

- अश्वनी श्रीवास्तव, सीआरएम, आइआरसीटीसी।

Posted By: Jagran