वाराणसी, जेएनएन। मंडी परिषद से संबंधित वायरल हुए एक आडियो मैसेज में निदेशक व चीफ इंजीनियर के नाम पर डीडीसी कमीशन की मांग कर रहे हैैं। इसे गंभीरता से लेते हुए परिषद के निदेशक ने अपर निदेशक को जांच अधिकारी नामित किया है।

पहडिय़ा मंडी परिषद के उपनिदेशक निर्माण (डीडीसी) रामनरेश सोनकर का नाम पहले भी विवादों में रहा है। आए दिन उनका कारनामा परिषद की किरकिरी कराता है। हाल ही में वायरल ऑडियो में उन्होंने मंडी के अधिकारियों को ही आरोपित बना दिया है। हालांकि मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही पता चल पाएगी। वहीं, ऑडियो में डीडीसी रामनरेश ने निदेशक जेपी सिंह व चीफ इंजीनियर जेके सिंह के नाम पर ठीकेदारों से कमीशन की मांग की है। इसमें एक व्यक्ति कमीशन कम करने का आग्रह कर रहा है लेकिन डीडीसी उच्चाधिकारियो का हवाला देते हुए कह रहे हें कि मुझे डायरेक्टर और चीफ को पैसा देना है। अगर तुम लोग पैसा नहीं दोगे तो डायरेक्टर और चीफ को पैसा मैैं अपने पास से थोड़े ही दूंगा, जो ठीकेदार पैसा नहीं देगा उसके खिलाफ एफआइआर कर बांड कैंसिल कर दूंगा। वहीं, डीडीसी को अलग- अलग मामलों में पांच चार्जशीट पहले ही दी जा चुकी है। मंडी परिषद के चीफ इंजीनियर जेके सिंह ने कहा कि कमीशन मांगने का आडियो मैसेज का  मामला जानकारी में है। इसकी निदेशक स्तर से जांच भी चल रही है। जल्द रिपोर्ट सामने होगी। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। 

महिला पार्षद के मामले में जीएम से मिलने पहुंचे पार्षद

नगर निगम की महिला पार्षद के खिलाफ जलकल की ओर से मुकदमा दर्ज कराने का विरोध गुरुवार को महाप्रबंधक के कार्यालय में पहुंचकर दर्ज कराया। पार्षदों का कहना था कि समस्या से परेशान होकर ही महिला पार्षद ने रात को सचिव के आवास पर पहुंचकर व्यवस्था के खिलाफ सवाल उठाया। कांग्रेस के सीताराम केसरी, सपा के कमल पटेल और निर्दल अजीत सिंह के साथ भाजपा के राजेश यादव चल्लू, चंद्रनाथ मुखर्जी और लकी वर्मा ने जलकल के सचिव द्वारा मुकदमा दर्ज कराने का विरोध जताया गया। महाप्रबंधक नीरज गौड़ ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि सचिव के अवकाश से लौटने के बाद इस मामले में आपस में बातचीत कर कोई निर्णय लिया जाएगा।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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