वाराणसी, जेएनएन।  युवा वर्ग अब ऐसा चाहता है कि वह नई-नई जगह जाएं वहां का स्थानीय भोजन करे और वहां की संस्कृति का आनंद ले।  ये वह वर्ग है जो यप्पी कहलाते हैं जिसमें मियां-बीबी दोनों अच्छा कमाते हैं। इस समय भारतीय पासपोर्ट धारक 25 देशों में बिना पासपोर्ट के जा सकते हैं लेकिन इंडोनेशिया, फिजी, मकाऊ, मालद्वीप, मॉरीशस और भूटान जाने वाले की संख्या में तेजी आ गई है। इंडोनेशिया के बाली शहर का आनंद उठाने वालों की संख्या लगातार बनी हुई है वहीं महासागर के बिल्कुल छूती हुई सतह पर मौज करने वाले मॉलदीप का रूख कर रहे हैं। मौज करने वालों के लिए मकाऊ सदाबहार है।

पर्यटन व्यवसाय में तीन दशक से कार्यरत सुधांशु सक्सेना ने बताया कि अब 40 से 50 हजार में तीन दिन और चार रात के पैकेज हवाई यात्रा सहित मिल रहे हैं। जो पूर्वांचल के यप्पी एक लाख रुपये खर्च कर अवकाश मनाने को बोझ नहीं समझते हैं। नई चीज यह देखने में आ रही है कि विवाहित और कामकाजी महिलाएं भी अपने- अपने किटी ग्रुप के साथ इन देशों की यात्रा कर रही हैं। जिम में साथ में एक्सारसाइज करने वाले भी नहीं है पीछे। शादी से पहले दोस्तों के साथ स्टैग पार्टी मनाने के लिए लोग भूटान भी जा रहे हैं।

विदेश यात्रा प्रबंधन में दो दशक से कार्य कर रहे अभिषेक सिंह ने बताया कि वीजा फ्री होने से बहुत पहले प्लान नहीं बनाना पड़ता है। हालत यह है कि 30 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की बुकिंग कुल बुकिंग को 60 प्रतिशत हैं। इसमें नवयुगल भी शामिल हैं।

भारतीय पासपोर्ट की ताकत

ग्लोबल पासपोर्ट पॉवर रैंक 2019 के अनुसार भारतीय पासपोर्ट की रैंक 65 है। इस वजह से भारतीय पासपोर्ट धारक 25 देश में बिना वीजा के जा सकता है व 40 देशों में वीजा ऑन एराइवल मिल जाता है। पहले नंबर पर युनाइटेड का पासपोर्ट है।

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Posted By: Vandana Singh

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