विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वाराणसी एयर शो: कौन से हैं वो पांच लड़ाकू विमान, जो आसमान में दिखाएंगे भारतीय वायुसेना का शौर्य? 

Published: Thu, 22 Oct 2026 11:52 AM (IST)

आज वाराणसी में वायु सेना के लड़ाकू विमान अपना शौर्य प्रदर्शन करेंगे, जिसमें भारत निर्मित और विदेशी विमान शामिल हैं।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. वायु सेना का एयर शो आज वाराणसी में।

  2. राफेल, तेजस, मिराज जैसे लड़ाकू विमान शामिल।

  3. काशी की जनता ने रिहर्सल में देखी ताकत।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। एयर शो के पहले दिन आज गुरुवार को वायु सेना के लड़ाकू विमान अपने शौर्य का प्रदर्शन करेंगे। इसमें भारत में निर्मित और विदेशों से आयातित विमान शामिल हैं।

वैसे इन विमानों की ताकत का एक दिन पूर्व फुल ड्रेस रिहर्सल में काशी की जनता ने देखा। आज एयर शो का विधिवत आयोजन हो रहा है।

राफेल

राफेल फ्रांस में बना दो इंजन वाला बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,130 किमी प्रति घंटा है। इसमें आधुनिक रडार और दुश्मन के रडार से बचाव की प्रणाली है। यह दुश्मन के विमानों को रोकने, जमीन पर हमला करने और टोही जैसे मिशन में काम आता है।

तेजस

तेजस भारत में बना हल्का लड़ाकू विमान है। इसे हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड ने विकसित किया है। इसमें एक इंजन लगा है और इसकी अधिकतम गति लगभग 2,220 किमी प्रति घंटा है। भारतीय वायुसेना में इसे 2015 में शामिल हुआ और 2016 से आपरेशनल किया गया था। यह दुश्मन के विमानों से मुकाबला करने और जमीन पर मौजूद लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है।

यह भी पढ़ें- वाराणसी में गंगा किनारे निगाहें आसमान पर, नमो घाट पर एयर शो का बेसब्री से इंतजार

मिराज-2000 (वज्र)

मिराज-2000 फ्रांस में बना एक इंजन वाला लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना में इसे वज्र नाम से जाना जाता है। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,300 किमी प्रति घंटा है। 1999 के कारगिल युद्ध और 2019 के बालाकोट 'आपरेशन बंदर' में इस विमान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसका इस्तेमाल दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने और हवाई सुरक्षा के लिए किया जाता है।

सुखोई-30 एमकेआई

सुखोई-30 एमकेआई दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जिसे रूस के सहयोग से भारत के लिए विकसित किया गया है। इसमें दो पायलट बैठ सकते हैं। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,100 किमी प्रति घंटा है। यह लंबी दूरी तक उड़ान भर सकता है और हवा में ईंधन भी भर सकता है। इसका इस्तेमाल हवाई सुरक्षा और दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के लिए किया जाता है।

जगुआर (शमशेर)

जगुआर ब्रिटेन और फ्रांस के सहयोग से बना दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना में इसे शमशेर कहा जाता है। इसे मुख्य रूप से जमीन पर दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के लिए बनाया गया है। इसकी अधिकतम गति लगभग 1,600 किमी प्रति घंटा है। यह कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर हमला कर सकता है। इसका इस्तेमाल बम गिराने और दुश्मन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

यह भी पढ़ें- Air Show In Varanasi LIVE : वाराणसी में एयर शो शुरू, युद्धक व‍िमानों की गर्जना के इंतजार में गंगा घाटों पर उमड़ी लाखों की भीड़