वाराणसी, जेएनएन। अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में हिंसा की साजिश रची जा रही है। जेल में बंद आतंकियों व अलगाववादियों को छुड़ाने के लिए आतंकी हमला कर सकते हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की एडवाइजरी के बाद जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद आतंकियों को देश की विभिन्न जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। सेना व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सोमवार को जम्मू-कश्मीर की विभिन्न जेलों में बंद दो हिजबुल कमांडर समेत 30 आतंकियों व अलगाववादियों को लेकर वायुसेना का विशेष विमान सोमवार शाम 6.30 बजे वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा।

जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, एसएसपी आनंद कुलकर्णी आरएएफ व पुलिस फोर्स के साथ एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। सीआइएसएफ व सीआरपीएफ ने पूरे एयरपोर्ट परिसर में घेरेबंदी कर रखी थी। सुरक्षा के लिहाज से एप्रन पर ही पुलिस की गाड़ियां पहुंची और वायुसेना के विमान से आतंकियों को निकालकर सीधे सीसी कैमरा लगे बज्र वाहन में बैठाया गया। सेना व अन्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में आतंकियों को लेकर पुलिस-प्रशासन केंद्रीय कारागार वाराणसी पहुंचा। आतंकियों को जेल की विभिन्न सेल में रखने के लिए जेल प्रशासन ने पहले से ही इंतजाम कर रखे थे। केंद्रीय कारागार में पहले से ही छह आतंकी हाई सिक्योरिटी बैरक में हैं।

सुरक्षा के कड़े बंदोबस्‍त

एयरपोर्ट पर सभी के भारतीय वायु सेना के विमान से पहुंचने के बाद पुलिस के वज्र वाहन से जेल ले जाने की तैयारियों के बीच पुलिस की स्‍पेशल टीम वायुसेना के विमान से सभी बंदियों को लाने के लिए परिसर में भेजा गया। इस दौरान वायु सेना के विमान से साथ आए सीआरपीएफ के 15 जवान भी सुरक्षा के लिए मुस्‍तैद रहे। शाम 6.50 बजे सभी बंदियों को लेकर सुरक्षा बल वज्र वाहन और बंदियों को ले जाने वाले वाहन के साथ भारी सुरक्षा दस्‍ता सेंट्रल जेल की ओर रवाना हो गया।  

प्रशासनिक अधिकारी रहे तैनात

वहीं जम्‍मूकश्‍मीर से बंदियों को लाने की जानकारी होने के बाद जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपीआरए, सीओ बड़ागांव व पिंडरा के साथ ही काफी संख्या में फोर्स एयरपोर्ट पर पहुंच गई। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर जेल में बंद कुछ आतंकवादियों को हवाई मार्ग से वाराणसी एयरपोर्ट लाया गया है ताकि उनको जेल में स्‍थानांतरित किया जा सके। वायु सेना के विमान से आने के बाद सड़क मार्ग से वाराणसी के सेंट्रल जेल में उनको शिफ्ट करने के लिए लाया गया है। हालांकि सुरक्षा कारणों की वजह से अधिकारियों ने मामले को काफी गोपनीय रखा। मौके पर भी प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। 

तैयारियां पहले से ही

हालांकि सूत्रों के अनुसार कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 खतम होने के बाद कई आतंकियों को सुरक्षा कारणों से दूसरी जेलों में शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया का यह हिस्‍सा है। इसकी तैयारियां पहले से ही चल रही थीं, इससे पूर्व कई आतंकियों को आगरा जेल में भेजा गया था। वहीं भारतीय वायु सेना के विमान से आए बंदियों को वाराणसी सेंट्रल जेल की विशिष्‍ट सुरक्षा वाली बैरक में भेजने के बाद पुलिस विभाग का वज्र वाहन अंदर एप्रन पर भेजा गया जहां से बंदियों को ले जाने वाले वाहन सहित सुरक्षा के लिए वज्र वाहन को भी परिसर में भेजा गया। वहीं परिसर के अलावा एयरपोर्ट से लेकर सेंट्रल जेल तक के रास्‍तों पर भी सुरक्षा काफी कड़ी रही।

सेंट्रल जेल इलाके में नाकेबंदी

जम्‍मू कश्‍मीर से आतंकियाें के आने की सूचना के बाद सेंट्रल जेल इलाके की सुरक्षा बलों ने नाकेबंदी कर दी।आने जाने वाले लोगों को प्रतिबंधित कर दिया गया और दूसरे मार्ग से वाहनों को भेजा गया। वहीं सुरक्षा बलों ने आतंकियाें के जेल तक लाने वाले वाहन के जेल के अंदर पहुंचने तक किसी को भी जाने नहीं दिया गया। वहीं मार्ग पर अचानक ही सुरक्षा के कड़े बंदोबस्‍त होने की जानकारी के बाद लोगों में भी उत्‍सुकता रही। इस दौरान सुरक्षा बलों की ओर से भी लोगों को वजह की ठोस जानकारी न देने की वजह से अफवाहों का बाजार गर्म रहा।

Posted By: Abhishek Sharma

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