EPFO में कटौती की सीमा बढ़ने से पेंशन में भी होगा इजाफा, रिटायरमेंट पर लोगों को मिलेगी राहत
ईपीएफओ की अनिवार्य वेतन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार होने से अब कुल कटौती 3000 रुपये होगी, जिससे ...और पढ़ें

ईपीएफओ वेतन सीमा वृद्धि: अब मिलेगी अधिक पेंशन, जानें कटौती का पूरा गणित।
HighLights
ईपीएफओ वेतन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार हुई।
इनहैंड सैलरी में 1200 रुपये की कमी, कुल कटौती 3000।
सेवानिवृत्ति पर अधिकतम 12500 रुपये तक पेंशन मिलेगी।
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, वाराणसी। ईपीएफओ की अनिवार्य वेतन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार किए जाने बाद कुल कटौती 3000 अब होगी। अब इनहैंड सेलरी से अतिरिक्त 1200 रुपये कटेगा तो अब 12500 रुपये तक अधिकतम पेंशन भी मिल सकेगी।
वर्ष 2001 से 2014 तक पहले मात्र 6500 रुपये ही ईपीएफओ की अनिवार्य वेतन सीमा थी जिसे 2014 में बढ़ाकर 15000 की गई थी। इसकी वजह से जहां इनहैंड सैलरी में न्यूनतम 1200 रुपये तक की कमी आएगी तो वहीं अब पेंशन में भी इजाफा होगा।

इस श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों के पीएफ की कटौती 15 हजार रुपये मानकर 12 प्रतिशत यानी 1800 रुपये कटता था अब 1200 रुपये बढ़कर तीन हजार रुपये कटेगा। यानी अब उनकी इनहैंड सेलरी से अतिरिक्त 1200 रुपये की कटौती होगी। हालांकि उसी के अनुसार उनको अब ब्याज भी अधिक मिलेगा।
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अब नई योजना में स्वेच्छा से अधिक ईपीएफ कटवाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। नई योजना सबसे बड़ा लाभ कर्मियों की पेंशन का भी होगा। सरकार की इस नई पहल के बाद कर्मचारियों को अब सेवानिवृत्त के बाद एक सम्मानजनक पेंशन की उम्मीद जगी है। अब कर्मचारियों को लगभग 12500 रुपये तक पेंशन की उम्मीद बढ़ गई है।
अभी जो ईपीएफओ की अनिवार्य वेतन सीमा बढ़कर 25 हजार तक हुई है वह 2014 से पहले मात्र 6500 रुपये तक ही थी। ऐसी स्थिति में कर्मचारी को दो हजार रुपये से भी कम ही पेंशन बन रही थी। यह अवस्था 2001 से 2014 तक रही। इससे पहले तो मात्र 500 हजार ही सीमा थी। यानी इससे पहले जो लोग सेवानिवृत्त हुए हैं उनको हजार-बारह सौ ही पेंशन मिल पाती है।
कटौती की पूरी गणित
पीएम कटौती में कुल योगदान का विभाजन कर्मचारी का हिस्सा बेसिक सैलरी + DA का 12% पूरा का पूरा आपके EPF (भविष्य निधि) खाते में जमा हो जाता है। पेंशन के मद में इसमें से कुछ भी नहीं जाता। जबकि नियोक्ता का हिस्सा यानी कंपनी भी कर्मचारी की सैलरी का 12% योगदान देती है, लेकिन इसे दो भागों में बांटा जाता है। इसमें से 8.33% राशि EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) यानी पेंशन मद में जाती है और शेष 3.67% राशि कर्मचारी के ईपीएफ खाते में जाती है।
सरकार की नई योजना के बाद निश्चित ही अब कर्मचारियों की पेंशन बढ़ जाएगी। कारण कि पहले भले ही किसी का वेतन अधिक था लेकिन पेंशन 15000 वेतन के अनुसार ही बनती थी। चाह कर भी कर्मचारी पेंशन अंशदान अधिक नहीं जमा करा सकता था। हालांकि अब पेंशन अंशदान अधिक जमा होने लगेगी, जिससे पेंशन अधिक मिलेगी।
