EPFO की वेज सीलिंग 15 हजार से बढ़कर 25 हजार होने से पूर्वांचल के 1.91 लाख कर्मचारियों को मिलेगी राहत
ईपीएफओ ने अधिकतम वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है, जिससे पूर्वांचल के 1.91 लाख ...और पढ़ें

मारुति नंदन त्रिपाठी, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (द्वितीय), वाराणसी।
HighLights
ईपीएफओ वेतन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार हुई।
पूर्वांचल के 1.91 लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा और पेंशन भी बढ़ेगी।
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, वाराणसी। ईपीएफ कर्मचारियों के लिए अधिकतम वेतन सीमा बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने का शासन का निर्णय पूर्वांचल के लाखों परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
साथ ही अब 15 हजार से अधिक वेतन पाने वालों की पेंशन भी बढ़ेगी। पूर्वांचल के 10 प्रमुख जिलों में ईपीएफओ से जुड़े कुल 26,671 संस्थानों में 1,91,706 कर्मचारी दर्ज हैं। इनमें 5,177 संस्थान सक्रिय हैं।
वेतन सीमा बढ़ने से ऐसे कर्मचारी जो अब तक निर्धारित वेतन सीमा के कारण ईपीएफ के दायरे से बाहर रह जाते थे, उन्हें भविष्य निधि और उससे जुड़ी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी।
कर्मचारियों की संख्या के मामले में वाराणसी 94,702 के साथ सबसे आगे है। इसके बाद सोनभद्र में 53,666, जबकि मीरजापुर में 9,800, भदोही में 6,997 और जौनपुर में 6,809 कर्मचारी हैं। आजमगढ़ में 5,325, अंबेडकरनगर में 4,157, चंदौली में 4,285, मऊ में 3,115 और गाजीपुर में 2,850 कर्मचारी दर्ज हैं।
सोनभद्र में 53 हजार से अधिक कर्मचारी
सोनभद्र में कुल 3,663 संस्थान ईपीएफओ से जुड़े हैं, जिनमें 1,034 सक्रिय संस्थान हैं। इन संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों की संख्या 53,666 है। औद्योगिक गतिविधियों वाले इस जिले में वेतन सीमा बढ़ने से निजी प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
वेतन सीमा बढ़ने से बढ़ेगा सुरक्षा कवच
ईपीएफ की अधिकतम वेतन सीमा बढ़ने का असर केवल भविष्य निधि बचत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पात्र कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी विस्तृत होगा। पूर्वांचल में बड़ी संख्या में निजी क्षेत्र, औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह निर्णय भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।
10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद बढ़ी सीमा, कर्मियों में खुशी
जासं, अनपरा : करीब 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद ईपीएफ वेतन सीमा बढ़ाकर 25 हजार किए जाने से संविदा कर्मियों में खुशी की लहर है। इस निर्णय से संविदा कर्मियों और उनके परिवारों में नई उम्मीद और उत्साह का संचार हुआ है। बढ़ी हुई वेतन सीमा से कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ भविष्य के लिए बेहतर आर्थिक आधार मिलेगा।
महंगाई के इस दौर में यह कदम उनके लिए निश्चित रूप से राहतकारी साबित होगा। इससे परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। लंबे समय से चली आ रही मांग के पूरा होने से कर्मियों में संतोष की भावना है।
बोले कर्मचारी
ईपीएफ वेतन सीमा में यह बढ़ोतरी संविदा कर्मियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत का आधार बनेगा। वेतन सीमा बढ़ने से अधिक कर्मचारियों को भविष्य निधि का लाभ मिलेगा। इससे नौकरी के साथ सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी। - अभिषेक कुमार, कर्मचारी
यह फैसला सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य के लिए बचत, पेंशन और बीमा सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा। महंगाई के दौर में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत होना परिवारों के लिए बड़ी राहत है। ईपीएफ सीमा में यह बढ़ोतरी संविदा कर्मियों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में एक नई शुरुआत है। भविष्य में पेंशन भी बढ़ेगी। - अर्जुन कुमार, कर्मचारी
बोले ईपीएफओ आयुक्त
ईपीएफ की वेज सीलिंग (वेतन सीमा) बढ़ने से निश्चित ही कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। मंत्रालय से पूरी गाइड लाइन आने के बाद डेटा तैयार किया जाएगा कि कौन-कौन से कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे और उनको कितना लाभ मिलेगा। - मारुति नंदन त्रिपाठी, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (द्वितीय), वाराणसी।
