वाराणसी, जागरण संवाददाता। गंगा की रेती में बनी नहर अब डूब गई है। यह गंगा के बढ़ते जल स्तर की वजह से हुआ है। हालांकि, इससे बालू निकासी ठप हो गई है। जिस नहर के लिए बालू की डे्रजिंग की गई थी उससे निकले बालू को ठेका पर निस्तारित किया जा रहा था। पानी बढऩे से अब ट्रैक्टर मौके तक नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं, जल स्तर बढऩे से गंगा किनारे के रहनवारों की धुकधुकी बढऩे लगी है। कुछ लोगों ने सुरक्षित स्थान जाने की तैयारी कर ली है। गंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में दो मीटर से अधिक बढ़ोत्तरी हुई है।

अब भी जल स्तर में बढ़ोत्तरी जारी है। शुक्रवार को गंगा का जल स्तर फाफामऊ में 78.73 मीटर, प्रयागराज में 75.70 मीटर, मीरजापुर में 68.48 मीटर, वाराणसी में 62.52 मीटर, गाजीपुर में 54.32 मीटर व बलिया में 53.51 मीटर था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार आगामी दिनों में बढ़ोत्तरी जारी रहेगी। वहीं, गंगा पार रेती के डूब जाने से संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष व बीएचयू आइआईटी में प्रोफेसर विशंभरनाथ मिश्र ने कहा था कि इस नहर के निर्माण से जहां डाउनस्ट्रीम में कटान बढ़ेगा तो वहीं, पश्चिम मे सिल्ट का जमाव होगा।

वाराणसी में गंगा का जल स्तर

-चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर

-खतरा का निशान 71.262 मीटर

-बाढ़ का उच्चतम बिंदु 73.901 मीटर

बीते पांच दिनों से बढ़ा पानी

30 जुलाई : 62.52 मीटर

29 जुलाई : 60.48 मीटर

28 जुलाई : 59.69 मीटर

27 जुलाई : 59.41 मीटर

28 जुलाई : 59.33 मीटर

बनारस में अगले दो दिन अच्छी बारिश के संकेत

मानसून की बढ़ती तीव्रता से बनारस समेत पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश के प्रबल संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार शनिवार और रविवार को धीरे-धीरे ही सही मगर पूरे दिन बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी की ओर से लगातार बादलों की किश्त बिहार होते हुए बनारस और पूर्वांचल तक पहुंच रही है। शुक्रवार को दोपहर में कुछ देर की तेज बारिश ने दिन भर की गर्मी से निजात तो दिला दी, मगर उसके बाद दोबारा से धूप हुआ और तापमान का पारा चढ़ता गया। इससे शाम तक दोबारा उमस बढ़ने लगी। शुक्रवार को बनारस का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस तक गया। वहीं पूरे दिन करीब नौ मिलीमीटर तक की बारिश दर्ज की गई, हवा की गति अधिकतम सात किलोमीटर प्रति घंटे और वातावरणीय आर्द्रता 86 फीसद तक दर्ज की गई।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty