वाराणसी , जेएनएन। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते पिछले 10 दिनों से लॉकडाउन लग रहा हैं। बंदी के कारण गांव के मजदूर और गरीबों के सामने अब आजीविका का संकट आ रहा है। गांव में रहने वाले गरीब और मजदूर तबके के लोग रोज काम करते हैं तो उनके घरों में चूल्हा जलता है। अब बढ़ते लॉकडाउन के वजह से उनके घर की स्थिति खराब हो रही है। वस्त्र दान फाउंडेशन को जब पता चला की नुवांव सेवा बस्ती में लोगों के पास खाने के लिए दो वक्त की रोटी भी नही है तब संस्था के संस्थापक सुधांशु सिंह व उनकी टीम ने 15 परिवारों को एक महीने का राशन उपलब्ध कराया। संस्था ने उन परिवारों को अपना नंबर देकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।इसके अलावा संस्था के लोग सभी लोगों को मास्क ,शारिरिक दूरी के पालन और सैनिटाइजर तथा साबुन से हाथ धोने को जागरूक कर रहे हैं। टीम में मुख्य रुप से सुधीर यादव, प्रवीन पाण्डेय, विशाल शर्मा, धर्मेंद्र पटेल, सुनील पांडेय रहे।

सेवा भारती और एच एस फाउंडेशन की तरफ से कोरोना मरीजों के परिजनों को बांटा जा रहा भोजन

सेवा भारती ( राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ) और H S फाउंडेशन की तरफ से पिछले सप्ताह भर से कोरोना मरीजों के परिजनों को भोजन का पैकेट वितरण कार्य किया जा रहा है।उत्तम सिंह ने बताया कि कैंसर अस्पताल तथा बीएचयू कोविड अस्पताल के पास जरूरतमंद लोगों को भोजन का पैकेट बनाकर बांटा जा रहा है। नर सेवा नारायण सेवा को चरितार्थ करते हुए सेवा कार्य स्वयं सेवक हेमंत सिंह ,उत्तम सिंह ,ईश्वर सिंह ,प्रवीण मिश्रा ,उत्तकर्ष उपाध्याय सहित काफी संख्या में युवक सहयोग कर रहे हैं।

गरीबों और मरीजों के परिजनों का सहारा बना रोटी बैंक

रोटी बैंक के संस्थापक किशोर तिवारी की कोरोना से मौत के बाद उनके सपनों को साकार करने के लिए उनका मित्र रोशन पटेल तथा निहारिका ने मौत के बाद भी रोटी बैंक से गरीब ,मजदूर और असहायों को लगातार भोजन करा रहे हैं।रोशन पटेल ने बताया कोरोना ने भले ही मित्र को हमलोगों से छीन लिया लेकिन हौसला और हिम्मत नहीं तोड़ पायेगा।जब तक सांस रहेगी तबतक सेवा कार्य जारी रहेगा।रोटी बैंक की तरफ से ट्रामा सेंटर ,बीएचयू , सामनेघाट ,लंका क्षेत्र में भोजन वितरण का कार्य चल रहा है।

Edited By: Saurabh Chakravarty