आजमगढ़, जेएनएन। महराजगंज थाना क्षेत्र के बनकटा गांव के समीप गुरुवार की सुबह हुई मुठभेड़ में डेढ़ लाख रुपये का इनामी अपराधी ढेर हो गया जबकि एक अन्य बदमाश भाग निकला। मुठभेड़ में बदमाशों की गोली से स्वाट टीम के हेड कांस्टेबिल भी घायल हो गए, जबकि एसपी ग्रामीण समेत अन्य पुलिस कर्मियों के बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगने से वे बच गए।

एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि कप्तानगंज बाजार में लगे मेले में ग्रामप्रधान की हत्या के इरादे से दोनोंं बदमाश आ रहे थे। उसके पास से पुलिस ने कप्तानगंज क्षेत्र में नौ अक्टूबर को हुई लूट के 51 हजार रुपये, एक पिस्टल, तमंचा, कारतूस, कारतूस बरामद किए। मारे गए बदमाश की पहचान लक्ष्मण यादव निवासी ग्राम उल्टहवा, थाना महराजगंज के रूप में हुई। लक्ष्मण पर एसपी द्वारा 50 हजार व अयोध्या के आइजी की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार घोषित था। लक्ष्मण महराजगंज का हिस्ट्रीशीटर था। एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में ढेर लक्ष्मण यादव ने 10 सितंबर को आंबेडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के कमालपुर में पूर्व डीआइजी जेपी सिंह के भाई रवींद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। लक्ष्मण के खिलाफ आजमगढ़ के अलावा गोरखपुर, आंबेडकर नगर, संतकबीर नगर, मऊ, गाजीपुर समेत प्रदेश के अन्य जनपदों में लूट के 17, हत्या के छह समेत 42 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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