जागरण संवाददाता, वाराणसी : मौसम में बदलाव के कारण लगभग सभी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, जुकाम व अस्थमा की समस्या बढ़ गई है। इन समस्याओं से ग्रसित मरीजों की भरमार देखी जा रही है। हालांकि गर्मी व बरसात के मौसम की तुलना में कुल मरीजों की संख्या में कुछ घटाव हुआ है। लोगों को रोगों के प्रति बहुत अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों ठंड से बचाव के लिए अक्सर लोग अलाव का उपयोग करते हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल के वाहनों के अधिक चलने से इसमें से निकलने वाले प्रदूषक तत्व लोगों के फेफड़े पर भी असर डाल रहे हैं।

पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों छह हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें से करीब एक हजार मरीज सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम व सांस संबंधी रोगों के आ रहे हैं। वहीं करीब चौरा स्थित मंडलीय अस्पताल के प्रभारी प्रमुख अधीक्षक डा. हरि चरण सिंह ने बताया कि उनके यहां इनदिनों ओपीडी में करीब 1500 मरीज आ रहे हैं। इसमें सबसे अधिक सामान्य बीमारियों के ही है। वहीं पांडेयपुर स्थित पंडित दीनदयाल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आरके सिंह ने बताया कि उनके यहां अभी हाल ही में ओपीडी की सेवा शुरू की गई है। उनके यहां करीब 850 मरीज आ रहे हैं। यहां भी अधिकतर मरीज सर्दी, खांसी, बुखार के ही आ रहे हैं।

हरहुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डा. हरिचंद्र मौर्या के अनुसार पीएचसी पर इस समय सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार से जुड़े अधिकतर मरीज आ रहे हैं। पीएचसी पर सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। सेवापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डा. यतीश भुवन पाठक के अनुसार बहुत ज्यादा मरीज नहीं है सीजन के अनुसार मरीज आते रहते हैं। काशी विद्यापीठ ब्लाक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। इन दिनों पीएचसी पर सर्दी, खांसी, बुखार के रोगी ओपीडी में अधिक आ रहे हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति मिर्जामुराद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी हाथी की भी है।

पीएचसी चिरईगांव पर एआरवी इंजेक्शन नहीं

जागरण संवाददाता, चिरईगांव : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर में इनदिनों मरीजों की संख्या में कमी आई है। आने वाले मरीजों में सर्दी खांसी जुकाम व चर्म रोग से ग्रसित होने वाले अधिक हैं। दोनों स्थानों पर सामान्य दवाएं उपलब्ध है। लेकिन पीएचसी चिरईगांव पर एआरवी इंजेक्शन नहीं है । दर्द निवारक मलहम, विटामिन, डेक्सोना जैसी दवा भी नहीं है। पीएचसी चिरईगांव पर सामान्य ओपीडी की संख्या 60 के करीब है। वही सीएचसी नरपतपुर पर ओपीडी 50 के करीब है। सीएचसी नरपतपुर के अधीक्षक डा. राजनाथ व पीएचसी चिरईगाव के आयुष चिकित्सक डा. एसएन सिंह का कहना है कि ज्यादातर मरीज खुजली, सर्दी, जुकाम, खांसी से ग्रसित आ रहे हैं।

प्रदूषण के कारण उनमें एलर्जी व दमा की समस्या बढ़ रही है

ठंड बढ़ने के कारण लोगों में सर्दी, खांस, जुकाम व बुखार के साथ ही दमा की भी समस्या बढ़ी है। सांस संबंधी रोगियों को धुल-धुएं बचना चाहिए। शहर में घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर लगाना चाहिए। कारण कि प्रदूषण के कारण उनमें एलर्जी व दमा की समस्या बढ़ रही है। समस्या अधिक बढ़ने पर ओपीडी के साथ मरीजों को वार्ड में भर्ती करने की भी जरूरत पड़ रही है। लोगों को गर्म पानी से स्नान करने के साथ ही गुनगुना पानी का सेवन भी करना चाहिए। बाहर निकलते समय कान को ढंके। साथ डेंगू से बचाव के लिए मच्छरदानी का भी उपयोग करें।

- प्रो. धीरज किशोर, फिजिशियन व विभागाध्यक्ष

जनरल मेडिसिन विभाग, आइएमएस-बीएचयू

Edited By: Saurabh Chakravarty