'तकनीक से बढ़ेगा भारतीय भाषाओं का संवाद,' वाराणसी में बोले राज्यसभा उपसभापति हरिवंश
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने वाराणसी में कहा कि तकनीक से भारतीय भाषाओं का संवाद बढ़ेगा, जो राष्ट्रीय एकता के ...और पढ़ें
-1790812447625_m.webp)
HighLights
हरिवंश ने तकनीक से भारतीय भाषाओं के संवाद बढ़ने पर जोर दिया।
पत्रकारिता में निर्भीकता, निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों को महत्वपूर्ण बताया।
मीडिया को आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा पर जागरूकता बढ़ाने को कहा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को जागरूक करना, सरल भाषा में महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देना तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान करना है। पत्रकारिता में निर्भीकता, निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों का विशेष महत्व है। यह कहना है राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का। वह बुधवार को आइआइटी बीएचयू में हिंदी माह के मुख्य समारोह में ‘हिंदी : समाचार पत्र के पृष्ठ से संसद के गलियारे तक’ विषय पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने आर्थिक आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा और स्वदेशी क्षमताओं के विकास जैसे विषयों पर जनजागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका पर भी बल दिया।
हरिवंश ने संसद में भारतीय भाषाओं के बढ़ते प्रयोग और एआई आधारित अनुवाद तकनीक को भाषाई संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कहा कि भारतीय भाषाओं के परस्पर संपर्क से राष्ट्रीय एकता और जनचेतना को नई दिशा मिल सकती है। साहित्य को समाज की चेतना, विचार और संवेदनशीलता को परिष्कृत करने वाला माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों को साहित्य से जुड़ने की प्रेरणा दी।
अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और विचारों की अभिव्यक्ति का आधार है। उप कुलसचिव (राजभाषा) ड. अमित सिंह ने हिंदी माह में आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को कुलसचिव सुमित विश्वास ने पुरस्कृत किया। प्रो. एनके मुखोपाध्याय, प्रो. अनिल त्रिपाठी, डीन प्रो. राजेश कुमार, प्रो. पीके पांडा, प्रो. केके सिंह समेत शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे। संचालन राजभाषा प्रकोष्ठ के शशांक पाठक ने किया।
ये रहे प्रतियोगिताओं के विजेता
हिंदी कहानी प्रतियोगिता में कर्मचारी वर्ग में सिमरन अखौरी प्रथम, अंकित जैन द्वितीय और अभिषेक कुमार शर्मा तृतीय रहे। छात्र वर्ग में सिद्धार्थ त्रिवेदी, मयंक यादव और प्रद्युम्न मंगल क्रमश: पहले तीन स्थान पर रहे। निबंध में कर्मचारी वर्ग से अंकित जैन, रितेश रंजन सिन्हा और यमन जायसवाल तथा छात्र वर्ग में सिद्धार्थ त्रिवेदी, समृद्धि वर्मा और सौरभ सेन विजेता रहे।
व्यंग्य प्रतियोगिता में कर्मचारी वर्ग से संदीप प्रजापति, राजीव रंजन और रविषा रघुवंशी तथा छात्र वर्ग में प्रद्युम्न मंगल, तन्वी गुप्ता और शाश्वत कुमार झा ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। पत्र लेखन एवं राजभाषा नियम-अधिनियम में विकास प्रजापति, राजीव रंजन और तेज बहादुर विजेता रहे। वाद-विवाद में पक्ष में सुनील कुमार सोनकर, सिमरन अखौरी और अभिनव पांडेय तथा विपक्ष में रितेश रंजन सिन्हा, नवनीत कुमार पांडेय और आदर्श कुमार श्रीवास्तव कर्मचारी वर्ग में विजेता रहे। छात्र वर्ग में मनोहर कुमार, अनुकृति मिश्रा और आरिफ मोहम्मद शेख पहले तीन स्थान पर रहे। श्रुतिलेख में स्नेहा गर्ग, शाश्वत कृष्ण और तिशांश पोर्टर तथा स्लोगन में आशुतोष राज, अस्मित पटेल और अयान राज विजेता रहे।
