गाजीपुर, जेएनएन। बलिया से शुरू होकर कानपुर तक जाने वाली गंगा यात्रा जिले में अपने पहले पड़ाव व रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार की अल सुबह नगर के कलेक्टर घाट पर जीवंत हो उठी। यहां काशी के विद्वत ब्राह्मणों ने द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भव्य तरीके से गंगा पूजन किया। मोक्षदायिनी मां भगीरथी का आशीर्वाद प्राप्त कर उसकी स्वच्छता की अलख जगाते हुए गंगा यात्रा सैदपुर के लिए रवाना हुई। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने अपनी बात गंगा से शुरू की और गंगा पर ही खत्म की। इसके बाद वह गंगा यात्रा को लेकर धर्मनगरी काशी के लिए रवाना हो गए।

गंगा किसी एक धर्म, जाति, मजहब व पार्टी की नहीं

डिप्टी सीएम ने कहा कि गंगा किसी एक धर्म, जाति, मजहब व पार्टी की नहीं है। गंगा सबकी है। गंगा यात्रा का उद्देश्य गंगा को निर्मल व अविरल बनाना है। बिजनौर व बलिया से चली यात्रा का समागम कानपुर में इसलिए होगा, क्योंकि कानपुर में विभिन्न फैक्ट्रियों के माध्यम से गंगा सबसे ज्यादा गंदी हुई हैं। कहा कि प्रयागराज में आयोजित कुंभ में 24 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई। डुबकी लगाने वाले केवल भाजपा के लोग नहीं थे। अपने देश के हर तरह के लोगों के अलावा विदेशी नागरिकों ने भी गंगा में डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि गंगा यात्रा पर कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं। आज इस पवित्र मंच से मैं किसी का नाम नहीं लूंगा लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि यह वही लोग हैं जिन्होंने राममंदिर के निर्माण, धारा 370 हटाने व नागरिकता संसोधान कानून का विरोध किया। जरूरत पडऩे पर उनका नाम भी लूंगा और जवाब भी दूंगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि गंगा किनारे गंगा उद्यान, नगर पंचायत, नगर पालिका व नगर निगमों में गंगा पार्क, गंगा किनारे स्थित गांवों में गंगा तालाब बनाया जाएगा।

विद्यालयों में प्रतियोगिता

विद्यालयों में गंगा पर निबंध, चित्रकला, वाद-विवाद प्रतियोगिता होगा। गंगा के प्रति आस्था का ही देन है कि पिछले वर्ष कुंभ में 24 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई और कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बीच में उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत आदि योजनाओं का बखान किया।

काशी के लिए हुई रवाना

कलेक्टर घाट पर करीब आधे घंटे तक चले पूजन कार्यक्रम में हर-हर गंगे के नारे लगते रहे। गंगा यात्रा का आदर्श बाजार, मैनपुर, ब्राह्मणपुरा, चोचकपुर, बेलासी, बरहपुर, नंदगंज, देवकली, रावल तथा सैदपुर नगर में फूल माला सहित गाजे-बाजे के साथ भारी उत्साह से स्वागत अभिनंदन किया गया। सैदपुर में सभा की समाप्ति के पश्चात यात्रा आगे के लिए रवाना हुआ और गाजीपुर-वाराणसी की सीमा सिधौना पहुंचा। यहां वाराणसी के जिला प्रशासन द्वारा भव्य स्वागत के पश्चात यात्रा दशाश्वमेघ घाट के लिए रवाना हुई।

 

 

Posted By: Saurabh Chakravarty

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