यूरोप के 21 पर्यटकों को लेकर काशी आ रहा गंगा विलास क्रूज, कोलकाता से हो चुका है रवाना
गंगा विलास क्रूज 20-21 जर्मन और यूरोपीय पर्यटकों को लेकर 27 या 28 अक्टूबर तक वाराणसी पहुंचने वाला है। यह ...और पढ़ें

जर्मनी और यूरोप के 21 पर्यटकों को लेकर काशी आ रहा गंगा विलास क्रूज।
HighLights
गंगा विलास क्रूज वाराणसी पहुंच रहा 20-21 विदेशी पर्यटकों के साथ।
क्रूज 10 अक्टूबर को कोलकाता से रवाना हुआ, 27-28 अक्टूबर तक आगमन।
प्रति रात्रि सुइट का किराया लगभग 50 हजार रुपये, दो यात्रियों हेतु।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा की लहरों पर विदेशी पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराने वाला लग्जरी गंगा विलास क्रूज एक बार फिर वाराणसी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 10 अक्टूबर को कोलकाता से रवाना हुए इस क्रूज में जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों के करीब 20 से 21 विदेशी पर्यटक सवार हैं, जिनके 27 या 28 अक्टूबर तक वाराणसी पहुंचने की संभावना है।
क्रूज में सवार पर्यटक भारतीय संस्कृति और जलमार्ग यात्रा का आनंद ले रहे हैं। लग्जरी यात्रा का किराया पहले जैसा ही है। एक सुइट का किराया करीब 50 हजार रुपये प्रति रात्रि है, जिसमें दो यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है।
वाराणसी पहुंचने के बाद क्रूज यहां दो से तीन दिन ठहरेगा, जिसके बाद यात्रियों का नया समूह सवार होकर वापस कोलकाता के लिए रवाना होगा। गंगा विलास क्रूज के नवंबर के अंतिम सप्ताह में दोबारा वाराणसी के लिए रवाना होने की योजना है।
हालांकि, गंगा के जलस्तर के आधार पर यह तय होगा कि क्रूज वाराणसी तक आ सकेगा या इसे पटना में ही रोकना पड़ेगा। क्रूज की 50 दिनों की एक बेहद रोमांचक और लंबी यात्रा प्रस्तावित है।
इस आगामी महायात्रा के मार्ग में कोलकाता, पटना, वाराणसी, सुंदरबन, बांग्लादेश सीमा, ढाका और गुवाहाटी होते हुए डिब्रूगढ़ तक का सफर शामिल है। इसके लिए बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, 10 से अधिक पर्यटकों ने बुकिंग करा ली है।
क्रूज संचालन से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार, इस बार की जलयात्रा सामान्य रूप से चल रही है और गंगा का जलस्तर अपेक्षाकृत अधिक होने के बावजूद इसके संचालन में फिलहाल कोई विशेष बाधा नहीं आई है।
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