बलिया, जागरण संवाददाता। संपूर्ण समाधान दिवस के पर जिलाधिकारी अदिति सिंह ने शनिवार को सदर तहसील में जनता की समस्याओं को सुना। 82 शिकायती पत्र आए, जिनमें कुछ का ही मौके पर निस्तारण किया गया। अन्य शिकायतों को जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित समय पर निस्तारण के लिए सुपुर्द कर दिया। गैरहाजिर परियोजना अधिकारी (डूडा), जिला सेवायोजन अधिकारी, महाप्रबंधक उद्योग केंद्र और जिला खाद्य विपणन अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। पिछले समाधान दिवसों में शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की, इसमें कई विभाग की शिकायतें लंबित पड़ी हुई हैं, इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ईओ नगरपालिका बलिया, बीएसए, चकबंदी अधिकारी, विकास खंड गड़वार, सोहांव व हनुमानगंज के बीडीओ को नोटिस देकर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। समय से स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दीं।

समाधान दिवस में राशन, पेंशन, अवैध कब्जे, भूमि विवाद आदि से जुड़ी समस्याएं ज्यादातर आई। इस मौके पर सीडीओ प्रवीण वर्मा, डीएफओ श्रद्धा यादव, एसडीएम जुनैद अहमद, डिप्टी कलेक्टर सीमा पांडेय आदि अधिकारी मौजूद थे।

पांच साल में 20 हजार दिए मानदेय, एक लाख निकाले

बैरिया : तहसील पर आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। तहसील के सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर कुल 37 मामले आए जबकि निस्तारण मात्र तीन का ही मौके पर हो पाया। जल निकास, राजस्व, पुलिस, बिजली आदि के मामले अधिक रहे। सबलपुर निवासी जितेंद्र यादव ने बताया कि 2016 से गांव के पानी टंकी पर तैनाती हुई है। प्रतिमाह तीन हजार रुपये मानदेय देने के आश्वासन मिला। पांच साल में मात्र 20 हजार रुपये मिले है। मेरे नाम पर एक लाख रुपये निकाला भी लिया गया है। एसडीएम ने जल निगम के जेई को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। दिव्यांग वीरेंद्र वर्मा दो साल से जमीन विवाद को लेकर दौड़ रहे है। अभी तक निस्तारण नहीं हुआ। इस मौके पर एसडीएम अभय सिंह, क्षेत्राधिकारी आरके तिवारी, तहसीलदार शिवसागर दुबे, खंड शिक्षा अधिकारी मुरली छपरा अवधेश राय, दुर्गादत्त सिंह आदि मौजूद थे।

Edited By: Abhishek Sharma