बलिया, जागरण संवाददाता।  पीएम नरेंद्र मोदी की महत्‍वाकांक्षी योजना '' किसानों की आय दोगुना'' के तहत बलिया जिले में प्रयास शुरू किया गया है। इस बाबत जिले में 20 किसान उत्पादक संगठन गठित हैं। इसके तहत आय बढ़ाने पर शासन का जोर है। वर्ष 2024 तक जनपद के समस्त विकासखंडों में एफपीओ स्थापित कराया जाना है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए शासन स्तर से हर दिन नए प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) के क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। डीडीएम नाबार्ड द्वारा बताया गया कि भारत सरकार की किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) नीति के अंतर्गत 2024 तक जनपद के समस्त विकासखंडों में एफपीओ स्थापित कराया जाना है। इस वर्ष कृषक कृषि व्यापार संघ(एसएफएसी) द्वारा जनपद में 4 एफपीओ का गठन किया जाएगा। ये चारों एफपीओ चिलकहर, बांसडीह, नवानगर और रेवती विकासखंड में स्थापित किए जाएंगे। इसका अनुमोदन समिति द्वारा बैठक में ही किया गया।

पूर्व के वर्षों में नाबार्ड के माध्यम से बायो एनर्जी बोर्ड के तहत पांच एफपीओ एवं पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के माध्यम से दो एफपीओ अर्थात कुल सात एफपीओ गठित किए गए हैं। 13 कृषकों द्वारा सीधे कंपनी से संपर्क कर एफपीओ का गठन किया गया हैं। अब तक जनपद में कुल 20 एफपीओ गठित किए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने निर्देशित किया कि कृषकों के बीच एफपीओ के गठन और उससे होने वाले लाभ के बारे में व्यापक प्रचार किया जाए। बैठक में उप कृषि निदेशक इंद्राज, जिला कृषि अधिकारी विकेश पटेल, अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और डीडीएम नाबार्ड भी मौजूद रहे।

एफपीओ गठन के लिए नियम : एफ़पीओ गठन हेतु कृषकों के आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पैन कार्ड, खतौनी एवं फोटो के साथ सीए के माध्यम कंपनी से सम्पर्क कर पंजीकरण कराया जा सकता है और पंजीकरण के उपरांत कृषि विभाग से सत्यापन कराकर योजनाओं से लाभान्वित हुआ जा सकता है।

Edited By: Abhishek Sharma