वाराणसी, जेएनएन। पंचायत चुनाव की रंजिश में सिंधोरा थाने से कुछ दूरी पर सरेआम फायरिंग कर विमल उर्फ भोतू सिंह को घायल करने के मामले में बुधवार को पुलिस ने आरोपित चार युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस व स्कार्पियो गाड़ी भी बरामद हुई। वहीं घायल युवक की हालत पहले से बेहतर है।

सिंधोरा थाने पर सीओ पिंडरा अभिषेक पांडेय ने आरोपितों को मीडिया के समक्ष पेश करते हुए बताया कि जिला पंचायत सदस्य के लिए मुख्य आरोपित मोनू मिश्र चुनाव लडऩा चाहता था। उसका मित्र विमल उर्फ भोतू सिंह उसे चुनाव लडऩे से मना कर रहा था। बाद में उक्त सीट आरक्षित हो गई लेकिन दोनों में इसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया और एक दूसरे को देख लेने की धमकी में देने लगे। इसी बीच 21 जून की दोपहर करीब तीन बजे मोनू मिश्र को जानकारी मिली कि विमल सिंह अपने दोस्तों के साथ सिंधोरा आया हुआ है। उसके बाद स्कार्पियो से अपने तीन अन्य साथियों के साथ पहुंचा और गाली गलौज देते हुए लक्ष्य कर .32 पिस्टल से गोली चला दी। गोली विमल को कनपटी को छूती हुई निकल गई। उसके बाद पुलिस ने विमल के मित्र व घटना के समय हुई मारपीट में घायल संदीप मिश्र की तहरीर पर बलवा, हत्या का प्रयास सहित अन्य आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपितों के गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई।

इस बीच इंस्पेक्टर रमेश यादव को मुखबिर से सूचना मिली कि फायरिंग की घटना में शामिल बदमाश गडख़रा के पास मौजूद हैं और बजरंग नगर से पौनी पतिराजपुर होकर स्कार्पियो से भागने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और जब आरोपित पुलिस को देखकर भागने लगे तो उन्हेंं धर दबोचा गया। जब थाने लाकर उनसे पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर कहासुनी हुई थी, उसी के आक्रोश में गोली चलाई थी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपित मरूई निवासी गौरव मिश्र उर्फ मोनू उर्फ सुमित , गड़खरा निवासी राहुल उपाध्याय, डंगरा डीह के अनिकेत सिंह उर्फ चिक्कू व चोलापुर के राजापुर निवासी शूटर प्रदीप उर्फ बृजेश मिश्रा को जेल भेज दिया। बदमाशो को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर के अलावा एसआइ संजीत बहादुर सिंह, सतेंद्र कुमार, सुरेन्द्र शुक्ला उमाकांत सिंह शामिल थे।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty