वाराणसी, जेएनएन। पूर्वांचल की प्रमुख नदियों में एक बार फ‍िर से उफान का दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार बलिया में सरयू का जलस्‍तर स्थिर बना हुआ है जबकि तटवर्ती कई इलाकों में कटान की स्थिति होने से लाेगों में चिंता का माहौल है। जबकि बलिया जिले में 10.8 मिमी बारिश होने की वजह से आने वाले समय में जलस्‍तर मेंं और बढोतरी की उम्‍मीद है। वहीं दोपहर में जारी बुलेटिन के अनुसार गंगा नदी मीरजापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया मेंं स्थिर है। जबकि दूसरी ओर सोनभद्र मेें सोन नदी और रिहंद बांध के जलस्‍तर में लगातार बढोतरी हाेे रही है। 

मऊ में मधुबन के देवारा में बुधवार की सुबह हाहानाला पर सरयू का जलस्तर 66.80 मीटर पर पहुंच गया जो खतरा के निशान 66.31 मीटर से 49 सेमी उपर है। इससे पूर्व यहां सरयू सन 1998 की बाढ़ में 67.47 मीटर पर पहुंच गई थी। जबकि बलिया जिले में गंगा और सरयू दोनों नदियों के किनारे रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ चुनाैती साबित हो रही है। निचले इलाकों में रहने वाले प्रतिवर्ष की तरह उचित स्‍थलों की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं। 

सरयू के बाढ़ से कई गांव बने टापू

डेन्जर लेवल से सवा मीटर ऊपर बह रही सरयू के वेग से टीएस बंधा के उत्तर फ्लड जोन में बसे नवकागांव के पासवान बस्ती, धूपनाथ और बैजनाथ यादव के डेरा गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गये हैंं। इन गांवों का संबंध बंधा से कट गया है। नवकागांव के प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप पासवान ने बताया कि अभी तक नाव की व्‍यवस्था सुनिश्चित नहींं हो पायी है। डेढ़ सौ परिवार बाढ़ से प्रभावित हैंं। बाढ़ के पानी से घिरे धूपनाथ और बैजनाथ यादव के डेरा लगभग पांच दर्जन से अधिक परिवार प्रभावित हैं। बंधे पर आने के लिए प्रभावित लोगों को पानी से होकर आना पड़ रहा है। पूर्व प्रधान धूपनाथ यादव ने बताया कि नाव के लिए एसडीएम बैरिया व तहसीलदार से निवेदन करने पर जल्द ब्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है। बंधा के वशिष्ठनगर  प्लाट ढाला से गोपालनगर जाने वाले संपर्क मार्ग की पुलिया विगत वर्ष से ध्वस्त है। जिससे कई गांवो का सीधा संपर्क बंधा से कट गया है ।

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