बलिया, जेएनएन। बैरिया थाना क्षेत्र के भोजापुर गांव में जहरीली खिचड़ी खाने से पिता पुत्र की मौत हो गई जबकि तीन लड़कियां बीमार होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराई गई है। घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। दोपहर 12 बजे तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मृतकों के परिजनों का हालचाल लेने नहीं पहुंचा था जबकि पूरा गांव उनके दरवाजे पर है।

घटना भोजापुर गांव में मकर संक्रांति की बुधवार की देर रात की है जहां आरपीएफ के रिटायर्ड जवान केदार पांडेय (65 वर्ष) के घर परंपरा के अनुसार खाने के लिए खिचड़ी बनी थी। रात लगभग 9 बजे खिचड़ी खाने के बाद केदार पांडेय निकट के अपने डेरा पर सोने के लिए चले गए, जहां  उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, उल्टी, दस्त व पेट दर्द से परेशान होकर चिल्लाने लगे तो पड़ोसियों ने उनके पुत्र सुनील पांडेय को सूचना दी। सुनील पांडेय उस समय खिचड़ी खा रहे थे, खिचड़ी खाकर अपने पिता को लेकर सोनबरसा पहुंचे, जहां के चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया। गांव के कुछ लोगों के साथ अपने पिता को लेकर बलिया के लिए चले कि हल्दी जाते-जाते सुनील पांडेय (40 वर्ष) की तबीयत बिगड़ने लगी। ग्रामीणों ने दोनों लोगों को इलाज के लिए बलिया के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया तब तक घर में सुनील पांडेय की तीन बेटियां निक्की (20), निधि (16) व नीति (13) ने वही खिचड़ी खाया और उन तीनों की भी तबीयत बिगड गई जिन्हें ग्रामीणों ने सोनबरसा अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को भी गंभीर देखते हुए सदर अस्पताल रेफर किया किंतु तीनों को उसी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया जहां केदार पांडेय व सुनील पांडेय को भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। रात लगभग 12 बजे केदार पांडेय की मौत हो गई, गुरुवार की भोर में चार बजे केदार पांडेय के पुत्र सपा नेता सुनील पांडेय की भी मौत हो गई। दोनों मृतकों का शव ग्रामीण सुबह लगभग आठ बजे गांव लेकर आए। उसके बाद सुनील पांडेय की तीनों बेटियों की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई किंतु जैसे ही सुनील पांडेय की तीनों बेटियां गांव पहुंची, निधि की हालत फिर खराब हो गई और उसे पुन: अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सुनील पांडेय की तीन बेटियां निक्की बीए तृतीय वर्ष, निधि बीए प्रथम वर्ष व नीति आठवीं कक्षा की छात्रा है जबकि सुनील पांडेये का बेटा बीरू पांडेय (22) दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है। सुनील पांडेय की पत्नी बेबी ने खाना नहीं खाया था, इसलिए वह बीमार नहीं पड़ी जबकि सुनील पांडेय की मां गुजरावती देवी बलिया गई हुई थी, इसलिए वह भी खिचड़ी नहीं खाया था। खिचड़ी कैसे विषाक्त हो गई, इसको लेकर लोग अपने-अपने तरह से चर्चा कर रहे हैं।

सपा नेता थे मृतक सुनील पांडेय

मृतक सुनील पांडेय सपा के सेक्टर संयोजक थे और 2000 से 2005 तक भोजापुर के उप प्रधान थे। इनके दो छोटे भाई और हैं संतोष पांडेय  किसी कंपनी में नौकरी करते हैं जबकि उससे छोटे पिंटू पांडेय आरपीएफ में वाराणसी में तैनात हैं। दोनों भाई अपना परिवार अपने साथ ही रखते हैं। इसलिए इस हादसे से उक्त लोगों का परिवार बच गया।

परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल

जिस खिचड़ी को खाने से पिता-पुत्र की मौत हो गई, तीन बेटियां बीमार हो गई। उस खिचड़ी का अवशेष घर में कोई और न खा लें या कोई जानवर न खा ले, इसलिए गांव के लोगों ने उसे गड्ढ़े में फेकवा दिया। फलस्वरूप खिचड़ी कैसे जहरीली हो गई थी, इसका पता लगा पाना काफी कठिन हो गया है। सुनील पांडेय की पत्नी व मां का रोते-रोते बुरा हाल है। दोनों रह-रह कर बेहोश हो जा रही है। इस हादसे के बाद केदार पांडेय का परिवार टूट गया है। घटना के बाद पूरा गांव सकते में है। वहीं दो मौतों को लेकर तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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