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वाराणसी में स्‍कूल के लिए किसानों ने दान कर दी अपनी दस ब‍िस्‍वा जमीन, 27 किसान एक साथ रजिस्ट्री कराने पहुंचे

By Ramchandra GuptaEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 07 Oct 2026 07:59 PM (IST)

पिंडरा के जलालपुर गांव में 27 किसानों ने बच्चों की शिक्षा के लिए लगभग 35 लाख रुपये मूल्य की 10 ...और पढ़ें

वाराणसी: किसानों ने बच्चों की शिक्षा के लिए दान की 10 बिस्वा जमीन।

वाराणसी: किसानों ने बच्चों की शिक्षा के लिए दान की 10 बिस्वा जमीन।

जागरण संवाददाता, (पिंडरा) वाराणसी। इंच इंच जमीन के ल‍िए खून बहा देने वाले दौर में श‍िक्षा का उजाला क्षेत्र में फैले ल‍िहाजा 27 किसान एक साथ दस ब‍िस्‍वा जमीन की रज‍िस्‍ट्री करने के ल‍िए एकसाथ पहुंचे तो लोगों को गांव की एकता ने दंग कर द‍िया।   

शिक्षा के प्रति जागरूकता और सामूहिक प्रयास की मिसाल जलालपुर गांव में देखने को मिली। गांव के 27 किसानों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए करीब 35 लाख रुपये मूल्य की 10 बिस्वा भूमि विद्यालय के लिए दान कर दी। बुधवार को तहसील पिंडरा में भूमि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हुई। किसानों की इस पहल की तहसील से लेकर गांव तक चर्चा होती रही।

जलालपुर गांव में संचालित परिषदीय विद्यालय के पास अपनी भूमि नहीं थी। पूर्व में विद्यालय किसानों की आराजी में किसी तरह संचालित हो रहा था। भवन जर्जर होने और विद्यालय के नाम जमीन नहीं होने के कारण उसका जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा था। इसके चलते करीब एक वर्ष से विद्यालय पंचायत भवन में संचालित हो रहा था।

विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के बीएसए भूपेंद्र सिंह ने ग्रामीण किसानों से संपर्क किया। किसानों ने बच्चों की शिक्षा के लिए जमीन दान करने पर सहमति जताई। बीईओ अखिलेश यादव और ग्राम प्रधान जयप्रकाश शर्मा के प्रयास से 27 किसानों ने आराजी संख्या 372 व 380 की भूमि विद्यालय के लिए देने का निर्णय लिया।

रजिस्ट्री के खर्च को लेकर समस्या आई तो विद्यालय के शिक्षकों ने खर्च वहन करने का आश्वासन दिया। इसके बाद बुधवार को 10 बिस्वा भूमि की रजिस्ट्री विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुयश जायसवाल के नाम कर दी गई।

एडवोकेट सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पांच बिस्वा भूमि की रजिस्ट्री अभी शेष है। संबंधित किसान बाहर होने के कारण बुधवार को नहीं पहुंच सके। उनके आने पर जल्द ही शेष भूमि भी विद्यालय को दान कर दी जाएगी।