बलिया, जेएनएन। नगर पंचायत मनियर की अधिशासी अधिकारी (ईओ) मणिमंजरी राय की मौत के कारणों को तलाश लेने का दावा पुलिस ने गुरुवार को किया किंतु ईओ के परिजन व रिश्तेदार पुलिस की कहानी से संतुष्ट नहीं दिखे। उनका सीधा आरोप है कि जांच में जुटी पुलिस बड़ी मछलियों को बचाने के लिए चालक पर ही पूरी कहानी गढ़ दी है। परिजनों का कहना है कि ईओ, नायब तहसीलदार व चालक की मोबाइल से कॉल डिटेल्स व डेटा निकाली जाय, इसके बाद सही तथ्य खुद सामने आ जाएंगे। वैसे भी ईओ के परिवार वालों को शुरू से ही पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं था। इसलिए बुधवार को परिजनों ने पूर्व मंत्री नारद राय के साथ जिलाधिकारी से मिलकर मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। पुलिस की जांच से परिजन तनिक भी संतुष्ट नहीं हैं।

ईओ के भाई विजयानंद राय ने कहा कि पुलिस शुरू से ही इस मामले में लीपापोती में जुटी हुई है। अभी तक मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। ऐसे में इस तरह का खुलासा समझ से परे है। ईओ के मामा अजीत मिश्र ने कहा कि तीनों की मोबाइल का डेटा निकाली जाए। इसके बाद ही पूरा तथ्य सामने आ पाएगा। उनका यह भी आरोप था कि पुलिस पूरी तरह से दबाव में काम कर रही है।

गौरतलब है कि छह जुलाई को आवास विकास कालोनी स्थित फ्लैट में ईओ का शव लटकता मिला था। परिवार वालों ने ईओ पर फर्जी भुगतान का दबाव बनाने का आरोप नगर पंचायत मनियर के अध्यक्ष भीम गुप्ता व कर्मचारियों पर लगाया था। अभी तक आरोपितों में से केवल चालक चंदन वर्मा को ही पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ईओ ने सुसाइड नोट में लिखा था, सॉरी भैया, सॉरी मम्मी-पापा। दिल्ली, बनारस हर जगह से खुद को संभालकर आ गई लेकिन यहां आकर मेरे साथ बहुत छलावा हुआ। मुझे फंसाया गया पूरी रणनीति के तहत। मुझे माफ कर दीजिए।

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