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वाराणसी में जाॅब देने वाले फर्जी गिरोह का राजफाश, तीन आरोप‍ित गिरफ्तार; काम करने का तरीका काफी शात‍िराना

By Rakesh kumar srivastavaEdited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 31 May 2026 04:51 PM (IST)

वाराणसी में नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने ...और पढ़ें

वाराणसी में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, तीन गिरफ्तार।

वाराणसी में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, तीन गिरफ्तार।

HighLights

  1. नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी का खुलासा।

  2. तीन आरोपी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज और साक्ष्य बरामद।

  3. "गुडविल इंडिया मैनेजमेंट" नाम से चलाते थे गिरोह।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। साइबर क्राइम सेल कमिश्नरेट वाराणसी और थाना रोहनिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नौकरी दिलाने के नाम पर आनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का राजगढ़ हुआ है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नौ मोबाइल फोन, तीन क्यूआर कोड, दो कूटरचित आधार कार्ड समेत बड़ी मात्रा में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार प्रतिबिंब पोर्टल और एनसीआरपी पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान मोबाइल नंबर 8115203917 और 8090997463 के माध्यम से नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी किए जाने के मामले सामने आए। शिकायतकर्ताओं धनलाल भास्कर और रिंकू भास्कर (छत्तीसगढ़) से क्रमशः 6550 और 7550 रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर साइबर सेल ने जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही थी।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोहनिया थाना क्षेत्र के केशरीपुर स्थित एक मकान में छापा मारकर कृष्ण कुमार निवासी बलिया और रोशनी प्रजापति निवासी वाराणसी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों अपने सहयोगी प्रणव मिश्रा के साथ मिलकर “Goodwill India Management Group of Company” के नाम से कार्यालय संचालित करते थे।

गिरोह रोजगार मेलों से बेरोजगार युवाओं का डाटा एकत्र कर उन्हें विभिन्न कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। टेली-कॉलर के माध्यम से अभ्यर्थियों को चयन और प्रशिक्षण पत्र भेजे जाते थे तथा रजिस्ट्रेशन, पुलिस सत्यापन, ड्रेस, प्रशिक्षण, आवास और भोजन शुल्क के नाम पर धनराशि वसूली जाती थी।

कृष्ण कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने जगतपुर स्थित फ्लैट से गिरोह के तीसरे सदस्य आशुतोष सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, विभिन्न कंपनियों के नाम से तैयार आई-कार्ड, आवेदन पत्र और प्रचार सामग्री बरामद हुई। फ्लैट में मौजूद तीन युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर समेत विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर वाराणसी बुलाया गया था, लेकिन वास्तविक नियुक्ति के बजाय प्रशिक्षण के नाम पर रखा गया और प्रचार-प्रसार व उत्पाद बिक्री जैसे कार्य कराए जा रहे थे।


पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को भ्रमित करता था। बरामद मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, व्हाट्सएप चैट, चयन पत्र और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित बीएनएस की अन्‍य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी और बरामदगी की पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई है तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर आगे की विवेचना की जा रही है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।